ममता बनर्जी सरकार में मंत्री अखिल गिरि के खिलाफ बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि गिरि के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। ममता बनर्जी को बयान देना चाहिए। अखिल गिरी उनकी सरकार में मंत्री हैं, उन्हें उन्हें तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए उन्हें दिल्ली आना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। वे सार्वजनिक रूप से एससी-एसटी समुदाय पर बहुत कुछ कह सकते हैं लेकिन यह उनके मंत्रियों की वास्तविक भावना है।
अब यह भी जानना जरूरी है कि पूरा मामला क्या है। दरअसल ममता सरकार में मंत्री अखिल गिरि नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम पहुंचे थे। शुभेंदु अधिकारी के तरफ से बयान के बाद गिरि बोले अरे बाबा आपका राष्ट्रपति कैसा दिखता है। गिरि के इस बयान के बाद सियासत गरमाई। बीजेपी ने जब इस मुद्दे को जोरशोर से उछाला तो टीएमसी ने खुद को मंत्री अखिल गिरि के बयान से अलग करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद की गरिमा का पार्टी सम्मान करती है। पार्टी की मंत्री गिरि के बयान से लेना देना नहीं हैं। बाद में जब मामला और आगे बढ़ा तो अखिल गिरी ने भी अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांग ली।
मंत्री अखिल गिरि ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका मकसद किसी को अपमानित नहीं करना था। वो तो सिर्फ बीजेपी नेताओं को जवाब दे रहे थे।उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी। उनका मकसद राष्ट्रपति पद की गरिमा को धुमिल करना नहीं था। लेकिन अगर बीजेपी के लोग इसमें किसी तरह का सियासी फायदा देखते हैं तो वो गलत है। वो अपनी कही हुई बात के लिए माफी मांगते हैं। उनके मन में राष्ट्रपति के लिए पूरा सम्मान है।
