अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट परोसने के आरोप में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग(NCPCR) ने भारत सरकार को ULLU एप के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उल्लू एक मोबाइल एप है जिस पर धड़ल्ले से एडल्ट कंटेंट परोसने के नाम पर स्कूली बच्चों को आपत्तिजनक रूप से दर्शाया जा रहा है। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने आयोग को मिली शिकायत के आधार पर कड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार से इस तरह के वीडियो परोस रहे मोबाइल एप को लेकर 10 में जवाब भी मांगा है।
अश्लील कंटेंट परोसने पर ULLU एप के खिलाफ शिकायत दर्ज
बॉलीवुड की हस्तियों ने उल्लू एप के खिलाफ दी शिकायत
आयोग के मुताबिक उसे बॉलीवुड की हस्तियों की तरफ से एप पर मौजूद अश्लील कंटेंट को लेकर शिकायत मिली थी। सीपीसीआर एक्ट 2005 की धारा 13 के तहत आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने इसका संज्ञान लिया है। शिकायत में कहा गया है कि उल्लू एप के कई वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहने हुए बच्चों को यौन संबंध बनाते हुए फिल्माया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इससे जुड़े कई सबूत भी बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दिए हैं।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को कार्रवाई करने का आदेश
आयोग ने अपनी शिकायत में लिखा है कि उल्लू एप पर मौजूद वीडियो कंटेंट छोटे बच्चों की पहुंच में है, जो बेहद अश्लील है। इससे बच्चों को मानसिक रूप से नुकसान पहुंच रहा है। एप से वीडियो डाउनलोड करने के लिए कोई KYC प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा जिसकी वजह से बच्चों तक अश्लील कंटेंट बेरोक टोक उपलब्ध है। आयोग ने नोटिस में लिखा है कि प्ले स्टोर या आईफोन स्टोर से उल्लू एप को डाउनलोड करते वक्त एज वेरिफिकेशन नहीं होती है जिससे छोटे बच्चों तक अश्लील वीडियो आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यह पोक्सो एक्ट की धारा 11 का कानूनी उल्लंघन है।
केवाईसी प्रक्रिया को और कड़ा बनाने का निर्देश
ऐसे में आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भारत सरकार के आईटी मंत्रालय को उल्लू एप के साथ ही साथ गूगल के प्ले स्टोर और आईफोन कंपनी के IOS स्टोर के खिलाफ भी कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही गूगल प्ले स्टोर और आईफोन स्टोर पर इस तरह के एप को डाउनलोड करने के लिए केवाईसी प्रक्रिया को और कड़ा बनाने का निर्देश दिया है।
