कोलकाता : कोयला घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इससे पहले मंगलवार को रुजिरा को कोलकाता एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग ने दुबई की फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया था और उन्हें ईडी द्वारा जारी किए गए समन की कॉपी भी सौंपी थी। उन्हें 8 जून को केंद्रीय एजेंसी के कोलकाता कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। ईडी ने नवंबर 2020 में सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर PMLA के प्रावधानों के तहत रुजिरा पूछताछ के लिए बुलाया। जांचकर्ताओं के पास रुजिरा के लिए तीन पन्नों की प्रश्नावली थी, जो दोपहर करीब 12.40 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय पहुंची। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि रुजिरा से विदेशी बैंकों में कुछ अकाउंट के बारे में सवाल पूछे गए। उनके बयान दर्ज किए गए।
Coal Scam: टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की पत्नी से हुई पूछताछ (तस्वीर सौजन्य-फेसबुक)
ममता बनर्जी ने कही ये बात
ईडी के अधिकारियों द्वारा रुजिरा से पूछताछ के बारे में पूछे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि रुजिरा को अगर कोई जरुरत महसूस होगी तो वह बोलेंगी। बनर्जी ने राज्य सचिवालय में मीडिया कहा कि कृपया, चूंकि यह मेरा पारिवारिक मामला है और मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती। रुजिरा एक परिपक्व लड़की है। अगर जरुरत पड़ी तो वह इस बारे में बात करेंगी। रुजिरा को सोमवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर उस समय रोका गया जब वह अपने दो बच्चों के साथ संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ान भरने का प्रयास कर रही थी। इसके बाद उन्हें 8 जून को सुबह 11 बजे एजेंसी के सामने पेश होने के लिए सम्मन जारी किया गया।
मेरे परिवार को परेशान करने की कोशिश-अभिषेक
मुख्यमंत्री के भतीजे और टीएमसी से सीनियर नेता अभिषेक ने आरोप लगाया है कि पूछताछ उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश है और इसका उद्देश्य राज्य में पंचायत चुनाव से पहले उनके जनसंपर्क अभियान को रोकना है। सीबीआई और ईडी दोनों इससे पहले रुजिरा से कोयला मामले में पूछताछ कर चुकी हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई बीजेपी द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। TMC के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि जब भी अभिषेक बनर्जी को तलब किया गया उन्होंने सहयोग किया। हालांकि जिस तरह से उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, वह शर्मनाक है। यह बीजेपी द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पंचायत चुनाव से पहले टीएमसी के 'नबोजोवार' कैंपेन से डरी हुई है और ट्रेन हादसे से भी ध्यान भटकाना चाहती है।
सीबीआई और ईडी स्वतंत्र एजेंसियां हैं- बीजेपी
प्रदेश बीजेपी ने कहा कि सीबीआई और ईडी स्वतंत्र एजेंसियां हैं और उन पर कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं डाला गया है। राज्य बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि बीजेपी का जांच से कोई लेना-देना नहीं है। आरोप निराधार हैं और अगर टीएमसी को कोई शिकायत है, तो पार्टी को अदालत जाने दें।
ये है मामला
आसनसोल जिले और उसके आसपास के कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों में कथित तौर पर करोड़ों रुपए के कोयले की चोरी के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। स्थानीय कोयला संचालक अनूप माजी को इस मामले में मुख्य संदिग्ध बताया जा रहा है। ईडी ने दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी, जो डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से टीएमसी सांसद भी हैं, इस अवैध व्यापार से प्राप्त धन के लाभार्थी थे। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ईस्टर्न कोलफील्ड्स की परित्यक्त खदानों से कोयले के अवैध खनन के आरोपों की जांच कर रही है, जिसकी कीमत हजारों करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी मामले से जुड़े मनी ट्रेल की जांच कर रहा है।
