CJP Protest at Janta Mantar: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शुक्रवार को दिल्ली, मुंबई सहित देश के कई शहरों में विरो-प्रदर्शन करने जा रही है। हालांकि, दिल्ली के जंतर-मंतर पर उसके प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिली है। अभिजीत दिपके सहित सीजेपी के बड़े नेता मुंबई में मौजूद हैं और वे वहां प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। सीजेपी मुंबई के शिवाजी पार्क में भी प्रदर्शन करने वाली है। यहां भी उसके प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली है। मुंबई पुलिस ने मीडिया को कहा है कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें शिवाजी पार्क में भीड़ जमा होने की इजाजत देने का अधिकार नहीं है। सीजेपी के इस प्रदर्शन को देखते हुए देश भर में सुरक्षा के बढ़ाई गई है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
जंतर-मंतर के आस-पास बैरिकेडिंग
सीजेपी के इस प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर एवं इसके आस-पास सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। इलाके में जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ-साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को तैनात किया गया है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस सूत्रों ने संभावना जताई कि विरोध प्रदर्शन के लिए लगभग 3,000 से 4,000 लोग आ सकते हैं और इसके मद्देनजर पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सीईसी कुमार पर महाभियोग चलाने की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा), राज्यसभा सदस्य मनोज झा और उच्चतम न्यायालय के वकील प्रशांत भूषण ने इस प्रदर्शन को आहूत किया है।
प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं कई दलों के लोग
सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं, भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सदस्यों और अन्य लोगों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के शुक्रवार को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। जंतर मंतर और नयी दिल्ली जिले के प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां दिल्ली पुलिस की टीमों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को तैनात किया गया है।
दिल्ली में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आवाजाही को नियंत्रित करने और लोगों को अनधिकृत रूप से जुटने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं तथा प्रवेश एवं निकास बिंदुओं व अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है। इससे एक दिन पहले सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने दो अक्टूबर को सुबह 11 बजे जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी। आयोजकों ने मतदाता सूचियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद पर निर्वाचन आयोग के रूख पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया है कि इसने नागरिकों के मताधिकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AAP का प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी X पर लोगों से इस प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, 'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए दो अक्टूबर को जंतर मंतर आएं। वरना आज वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है, कल बाकी सारे अधिकार भी छीन लिए जाएंगे।' आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, भूषण और झा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी और कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई थी।
मुंबई में भी सीजेपी का प्रदर्शन
बोरा ने कहा कि आयोजकों ने संसद मार्ग थाने को प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में सूचित कर दिया था, जिसमें संभावित उपस्थिति, समय और कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिम्मेदार लोगों का विवरण शामिल था। कॉजपा ने भी इस मुद्दे पर दो अक्टूबर को मुंबई में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। अनुमति न मिलने के बाद उसने "जेल भरो आंदोलन" का आह्वान किया है।
प्रदर्शन की इजाजत देने का अधिकार नहीं
सीजेपी ने मुंबई में कहा कि अगर पुलिस प्रदर्शन की इजाजत नहीं देती है तो भी उनका विरोध आयोजन होकर रहेगा। मुंबई पुलिस ने मीडिया को कहा है कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें शिवाजी पार्क में भीड़ जमा होने की इजाजत देने का अधिकार नहीं है। पुलिस ने भीड़ जमा होने, ट्रैफिक और शोर-शराबे से जुड़ी चिंताओं और नियमों का भी हवाला दिया है।
