कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था स्थापित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। कोच्चि में आयोजित 'जंतर-मंतर' अभियान के तहत प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वह देश के हर कोने में तिरंगा लेकर जाएंगे। सरकार उन्हें जहां चाहे गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन वह दोबारा लौटकर तिरंगा फहराएंगे।
SIR के विरोध में अभिजीत दीपके ने भरी हुंकार। PTI
तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचने पर गिरफ्तारी का किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर पहुंचने के दौरान अपनी गिरफ्तारी का जिक्र किया। उन्होंने CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका का भी नाम लिया और कहा कि उन्हें भी तिरंगा फहराने के लिए जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा, "मुझे इस तिरंगे को फहराने के लिए जेल भेजा गया। मेरे दो भाई सौरभ और आशु को भी इसे फहराने के लिए जेल भेजा गया। भारत में ऐसा आखिरी बार तब हुआ था, जब हम अंग्रेजों के शासन में थे।"
मोदी सरकार की तुलना ब्रिटिश शासन से की
अपने संबोधन में दीपके ने नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना ब्रिटिश शासन से करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोगों की स्वतंत्रता को सीमित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि मैं इस तिरंगे को देश के हर कोने में, हर जगह लेकर चलूंगा। अगर आप मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो आप मुझे दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु में गिरफ्तार कर सकते हैं। मुझे देश के किसी भी हिस्से से गिरफ्तार कर लीजिए, लेकिन मैं वापस आऊंगा और इस तिरंगे को फहराऊंगा।"
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन
यह प्रदर्शन सीजेपी के 'कोच्चि में जंतर-मंतर' अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध किया गया।
दीपके ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती। उनके संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, नागरिक स्वतंत्रता और तिरंगे को लेकर विरोध का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
