Assault on Dev Kotak: जंतर मंतर पर पर प्रदर्शन के दौरान टाइम्स नाउ के रिपोर्टर देव कोटक पर हुए हमले की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कड़े शब्दों में निंदा की है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि वह उनका संगठन देव पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। दास ने कहा है कि 'देव एक शानदार रिपोर्टर हैं और पुलिस चाहे जितना भी उकसाए किसी को भी इस तरह की हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। भाई देव हमें दुख हैं। हम शांति एवं सद्भाव की अपील करते हैं।'
जंतर-मंतर के पास टाइम्स नाउ के रिपोर्टर पर किया हमला।
बता दें कि मंगलवार को जंतर-मंतर पर Times Now के पत्रकार पर हमला हुआ। पत्रकार देव कोटक पर उस वक्त हमला हुआ जब वह रिपोर्टिंग कर रहे थे। यहां धरना-प्रदर्शन में शामिल 100-120 लोगों ने उन्हें घेरकर उनके कपड़े फाड़ डाले और घड़ी-फोन भी लूट लिया। देव कोटक ने खुद अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह भीड़ ने गोदी मीडिया के नारे लगाते हुए उन्हें घेरा और उनके साथ मारपीट की।
हमलावरों ने घड़ी और फोन भी लूट लिया
विजुअल में साफ दिख रहा है कि देव कोटक पर किस कदर हमला हुआ। उनकी कमीज पूरी तरह फटी हुई थी और उनकी हालत बता रही थी कि हमलावरों ने उनके साथ कैसा सलूक किया है। देव ने बताया कि हमलावरों ने उनके हाथ की घड़ी खींचने के साथ ही फोन भी लूट लिया। देव कोटक ने बताया कि 100 से अधिक लोगों की भीड़ ने मुझ पर हमला कर दिया। वे लगातार मुझे मारते-पीटते रहे...तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर मुझे बचाया। देव ने कहा कि मैं सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरव दास और अभिषेक रांका का इंटरव्यू भी कर चुका हूं, इसके बावजूद मेरे साथ ऐसा सलूक हुआ।
'मैं बहुत ही डर गया था'
देव ने कहा, 'हमारा सौरव दास के साथ इंटरव्यू तय था। सौरव की स्पीच के बाद वे हमें स्टेज पर बुलाने ही वाले थे। तब वालंटियर्स ने कहा कि सर, आपको देखकर भीड़ गुस्से में आ रही है। आप प्लीज यहां से चले जाइए, एक घंटे बाद आइएगा जब माहौल ठंडा हो जाएगा। इसके बाद हम जाने लगे तो हम पर बेरहमी से अटैक किया गया। कैमरामैन दूसरी तरफ चले गए तो बच गए। लेकिन मुझ पर 100-120 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। कोई चपेट मार रहा है, कोई मुक्के मार रहा है, कोई लात मार रहा है, कोई सिर पर मार है, कोई पानी की बोतल मार रहा है। मैं बहुत ही डर गया था, मैंने कुछ लोगों से कहा कि भैया मुझे बचाओ, तब उन लोगों ने ह्यूमन शील्ड बनाकर मुझे बचाया।'
