लद्दाख के साथ समुद्र में तेज हुई चीन की हरकत, क्या है ड्रैगन की दोहरी चाल?

  • Authored by: शिवानी शर्माEdited by: ललित राय
  • Updated Dec 6, 2022, 01:05 PM IST

चीन एक तरफ भारत से शांति और सौहार्द की बात करता है। लेकिन जमीन पर काम वादे के ठीक उलट करता है। इस तरह की खबर है कि चीन की तरफ से पूर्वी लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश में है तो दूसरी तरफ हिंद महासागर में भी नापाक चाल चल रहा है।

KEY HIGHLIGHTS
  • पूर्वी लद्दाख में एक बार फिर हरकत कर रहा है चीन,इंडियन ओशन रीजन में भी ड्रैगन की घुसपैठ हुई तेज
  • पहली बार सर्दियों में एलएसी के नजदीक देपसॉन्ग प्लेन पर चीन ने बढ़ाई सैनिकों की संख्या
  • जिन इलाकों में चीन सिर्फ पेट्रोलिंग किया करता था अब वहां टेंट गाढ़ कर स्थाई डेप्लॉयमेंट करने में जुटा है ड्रैगन

एलएसी पर भारतीय सेना के डेप्लॉयमेंट्स की रीबैलेन्सिंग से चीन परेशान है। गलवान संघर्ष के बाद से इंडियन आर्मी ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में अपनी थल सेना आर्टिलरी आमद एविएशन को पूरी तरह से रीडिप्लॉय कर दिया है। सेना के साथ-साथ इंडियन एयरफोर्स भी अपनी पूरी क्षमता के साथ इस इलाके में तैनात है। तीसरे विंटर हॉल में चीन पर एलएसी के दूसरी तरफ अपनी पैठ मजबूत करने का दबाव साफ दिखाई दे रहा है।

east ladakh

लद्दाख के साथ समंदर में भी चीन की नापाक चाल

एलएसी के नजदीक चीन ने बनाए 200 शेल्टर

चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपने पुराने डेप्लॉयमेंट के तरीकों को बदलकर एक बार फिर हरकत में नज़र आ रही है।ले मैं लगा है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पूर्वी लद्दाख में डैमचौक के पास 200 से अधिक नए शेल्टर बनाए हैं। ये शेल्टर वहां मौजूद चीनी सैनिकों को सर्दी में स्थाई रूप से तैनात करने के लिए बनाए गए हैं। दरअसल यह वो इलाका है जहां अब तक चीन के सैनिक सिर्फ पेट्रोलिंग किया करते थे लेकिन भारतीय सेना के भारी-भरकम डेप्लॉयमेंट और आक्रामकता को देखते हुए चीन सर्दी के दौरान यहां पर अपने डेप्लॉयमेंट को बनाए रखना चाहता है जिसकी वजह से उसने यहां शेल्टर लगाए हैं।

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