लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने बातचीत का रास्ता चुना है। दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन सचिवों की बैठक नई दिल्ली में हुई, जिसमें मिलकर समाधान खोजने पर सहमति बनी।
तकनीकी समितियाँ करेंगी हर हफ्ते बैठक
बैठक में यह तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की इंजीनियरों और विशेषज्ञों की संयुक्त टीम हर हफ़्ते बैठक करेगी। ये टीमें पानी के बँटवारे, परियोजनाओं और आपसी तालमेल से जुड़े मुद्दों की पहचान कर हल तलाशेंगी।
अक्टूबर में मुख्य सचिवों की बैठक, दिसंबर में मुख्यमंत्री आमने-सामने
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन सचिव फिर मुलाक़ात करेंगे। अगर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ी तो दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं।
क्या है महानदी जल विवाद?
महानदी नदी छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से निकलकर ओडिशा होते हुए बंगाल की खाड़ी में मिलती है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ ने महानदी पर कई बाँध और बैराज बनाकर पानी रोक लिया है, जिससे ओडिशा में गर्मी और खेती के मौसम में पानी की भारी कमी हो जाती है। वहीं छत्तीसगढ़ का कहना है कि उसने अपनी ज़रूरत के हिसाब से योजनाएँ बनाई हैं और ओडिशा को भी पर्याप्त पानी मिलता है। यही विवाद कई सालों से चला आ रहा है और इसे हल करने के लिए केंद्र सरकार ने महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल भी बनाया था।
