Rahul Gandhi News: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का शनिवार को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होना है। इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी की है। राहुल शाम करीब 6 बजे भारत जोड़ो मैदान पहुंचेंगे और छात्रों के साथ संवाद करेंगे। वहीं, राहुल के इस कार्यक्रम को लेकर राजनीति तेज हो गई है। उनके इस कार्यक्रम के विरोध में शहर में कई स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर पर राहुल की तस्वीर के साथ 'झूठ की गूंज' लिखा हुआ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल करीब दो बजे इंदौर पहुंचेंगे।
इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम।
गीता भवन, पलासिया, वर्ल्ड कप, MR9, विजयनगर, भंवरकुआं समेत शहर के कई इलाकों में राहुल के विरोध में पोस्टर लगे हैं। पोस्टरों पर लिखा- 'झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय'।
भाजपा पर अडंगे लगाने का आरोप
कांग्रेस ने इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लगातार अड़ंगे डाले जाने का शुक्रवार को आरोप लगाया और कहा कि सत्तारूढ़ दल को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित इस कार्यक्रम की अनुमति के मामले में भाजपा ने लगातार व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की।
संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की मांग
इंदौर में पुलिस कमिश्नर को लिखे गए एक पत्र को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने पुलिस प्रशासन को पत्र सौंपकर शहर के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की मांग की है। उनका दावा है कि कुछ क्षेत्रों से युवाओं को आर्थिक सहायता देकर कार्यक्रम स्थल पर भीड़ जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर BJP प्रवक्ता ने जताई चिंता
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव के मुताबिक, उन्हें कल रात कुछ ऐसी जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उनका आरोप है कि चंदन नगर, आजाद नगर, खजराना, भंवरकुआं-बड़वाली चौकी और जूना रिसाला जैसे क्षेत्रों से युवाओं की टोलियां कार्यक्रम स्थल तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। राकेश सिंह यादव ने पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
'तनाव की स्थिति बनती है तो जिम्मेदारी कांग्रेस की'
उनका दावा है कि जीतू पटवारी की ओर से अब तक पंजीकृत लोगों की संख्या और सूची सार्वजनिक नहीं की गई है और पुलिस प्रशासन को भी सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन के पास उपलब्ध पंजीकृत सूची के आधार पर ही कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश दिया जाए। राकेश सिंह यादव ने पुलिस से अपील की है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों और कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सतर्कता रखी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी समूह की ओर से नारेबाजी या ऐसी गतिविधि होती है जिससे सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनती है, तो उसकी जिम्मेदारी कांग्रेस की होगी।
सुरक्षा शर्तों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस कार्यक्रम के लिए पुलिस की सुरक्षा शर्तों वाले दस्तावेज में राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या के बाद गठित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिए जाने पर भी खेड़ा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'यह बहुत निंदनीय बात है कि आप राहुल गांधी को रोकने के लिए उनके पिता की हत्या का जिक्र कर रहे हैं। आप राहुल गांधी के कार्यक्रम को बिना किसी रुकावट के सुरक्षा दीजिए।’
कार्यक्रम की तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी
कांग्रेस ने इससे पहले शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में राहुल गांधी का कार्यक्रम 12 सितंबर को आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एक पुराने आदेश के तहत यह स्टेडियम सिर्फ खेलकूद या राज्यस्तरीय शासकीय आयोजनों के लिए ही दिया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी थी और रीजनल पार्क के सामने स्थित जमीन के लिए आवेदन किया था।
10.08 लाख रुपये जमा कराए थे-खेड़ा
कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने करीब 12,000 वर्ग मीटर में फैले मैदान की 17 से 19 सितंबर तक तीन दिन की अस्थायी ’लीज’ के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के खाते में 10.08 लाख रुपये जमा कराए थे। बाद में राज्य सरकार के इस निकाय ने यह कहते हुए कांग्रेस से 4.03 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जमा कराई कि वह तय तारीख से पहले इस जमीन का इस्तेमाल कर रही थी। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक घटनाक्रम पर खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शिवसेना के साथ पहले जो व्यवहार किया, उसे वह पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के साथ दोहरा रही है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद चिंता का विषय है।
