Chhath Puja Celebration Live Updates: छठ पूजा आज चौथा दिन संपन्न हो गई। 28 अक्टूबर यानी आज छठ के चौथे और आखिरी दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास भी खत्म हुआ। इस दिन व्रती महिलाएं जल में डुबकी लगाकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और जीवन में ऊर्जा की कामना करती हैं। यूपी-बिहार से लेकर पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को धूमधाम से मनाया जा रहा है और व्रती उगते सूरज को अर्घ्य दिया। घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
उत्तर भारत में छठ पूजा की धूम (ANI)
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चार दिवसीय छठ पूजा के पावन समापन पर देश भर के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी श्रद्धालुओं की भलाई और समृद्धि की कामना की। एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्य देव और छठी मैया की पूजा को समर्पित इस पर्व के सफल समापन पर अपनी खुशी व्यक्त की। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, आज भगवान सूर्य देव को प्रातःकालीन अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही छठ के महापर्व का पावन समापन हो गया। इस चार दिवसीय अनुष्ठान के दौरान, हमने छठ पूजा की हमारी भव्य परंपरा की दिव्य झलक देखी।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित अपने आवास पर छठ पूजा के अंतिम दिन उगते सूर्य को 'उषा अर्घ्य' अर्पित किया।
बिहार में छठ की धूम
बिहार में चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन सोमवार की शाम छठ व्रतधारी अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। महापर्व छठ को लेकर बिहार के शहरों से लेकर कस्बों, गांवों तक के लोग सूर्योपासना में श्रद्धाभक्ति में डूबे हुए हैं। पटना जिले में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के लगभग 550 घाटों को छठव्रतियों के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा पार्क एवं तालाबों में भी छठ किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक, पटना नगर निगम क्षेत्र में गंगा किनारे के लगभग 102 घाट तथा करीब 45 पार्क एवं 63 तालाबों को छठ व्रतियों के अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तैयार किया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-प्रबंधन के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार सभी जगह तैयारी की गई है। जिला स्तर से 205 स्थानों पर दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। गंगा नदी और अन्य नदियों तथा जलाशयों में किसी भी तरह के आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की नौ, एसडीआरएफ की 14 टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा गोताखोरों की भी टीम को तैनात किया गया है।
मनभावन लोक गीतों और पारंपरिक प्रसादों की खुशबू
बिहार में गांव के घरों से लेकर शहरों के मोहल्लों तक में मनभावन लोक गीतों और पारंपरिक प्रसादों की खुशबू के बीच लोग सूर्य भगवान की आराधना में डूबे हुए हैं। राजधानी पटना की सभी सड़कें रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी और आकर्षक तोरण-द्वारों से सजी हुई हैं, जबकि गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। रविवार की शाम व्रतियों ने खरना किया और लोग खरना का प्रसाद पाने के लिए देर रात तक व्रतियों के घर पहुंचते रहे।
36 घंटे का निर्जला उपवास
उल्लेखनीय है कि शनिवार को नहाय-खाय से प्रारंभ चार दिनों के इस अनुष्ठान में खरना के बाद छठव्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करते हैं। सोमवार की शाम छठव्रती नदी, तालाबों सहित विभिन्न जलाशयों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। पर्व के चौथे और अंतिम दिन यानी मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही श्रद्धालुओं का व्रत समाप्त हो जाएगा। इसके बाद व्रती फिर अन्न-जल ग्रहण कर पारण करेंगे।
दिल्ली के यमुना घाट की तस्वीर
उगते सूरज को अर्घ्य देने चिराग पासवान भी पहुंचे।
