इंडिया अंतरिक्ष में इतिहास लिखने के और करीबः दूसरी 'डिबूस्टिंग' के बाद आत्मनिर्भर होगा 'विक्रम', अपने 'दिमाग' से चलेगा आगे

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 19, 2023, 12:00 AM IST

Chandrayaan-3 Mission Latest Update: लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल 20 अगस्त को दूसरी ‘डीबूस्टिंग’ (गति कम करने की प्रक्रिया) से गुजरेगा, जिसके तहत इसे एक कक्षा में नीचे लाया जाएगा जिससे यह चंद्रमा की सतह के बहुत करीब हो जाएगा।

Chandrayaan-3 Mission Latest Update: चंद्रयान-3 मिशन के जरिए अपना इंडिया अंतरिक्ष जगत में नया इतिहास लिखने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) को चंद्रमा के करीब ले जाने वाली एक ‘डिबूस्टिंग’ प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई और इसकी स्थिति फिलहाल सामान्य है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से यह भी बताया गया कि ‘‘लैंडर मॉड्यूल की स्थिति सामान्य है। एलएम ने सफलतापूर्वक एक डिबूस्टिंग प्रक्रिया को पूरा किया जिससे अब इसकी कक्षा घटकर 113 किलोमीटर x 157 किलोमीटर रह गई है। दूसरी डिबूस्टिंग प्रक्रिया 20 अगस्त, 2023 को भारतीय समयानुसार देर रात दो बजे की जानी है।’’

Chandrayaan-3 Mission

23 अगस्त को चांद के दक्षिण ध्रुव पर इसकी ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने का प्रयास किया जाएगा।

इस बीच, इसरो ने चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल पर लगे कैमरों के जरिए ली गईं चंद्रमा की तस्वीरें शुक्रवार को सार्वजनिक कीं। प्रणोदन (प्रोपल्शन) मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल के बृहस्पतिवार को अलग होने के बाद लिए गए फोटोज़ में चंद्रमा की सतह पर गड्ढे दिखाई दिए, जिन्हें इसरो ने 'फैब्री', 'जियोर्डानो ब्रूनो' और 'हरखेबी जे' के रूप में चिह्नित किया।

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