Chandrayaan-3 के देसी सेंसर्स ने जीता NASA का दिल, खरीदने में दिखाई दिलचस्पी, ISRO से सहयोग को भी तैयार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 10, 2023, 05:00 PM IST

आर्टेमिस नासा के भविष्य के मिशनों में से एक है जो इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाएगा। वे चाहते हैं कि भारत ऐसे अभियानों में भाग ले। यह वैश्विक सहयोग का स्तर है जिसमें ऐसे चंद्र मिशन शुरू होते हैं।

Chandrayaan-3:अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने चंद्रयान -3 के लिए भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित उच्च-स्तरीय सेंसर खरीदने में रुचि दिखाई है। इसरो (ISRO) की इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स सिस्टम प्रयोगशाला (एलईओएस) के निदेशक के वी श्रीराम ने ये बात कही। श्रीराम ने रमन इंटरनेशनल द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा कि टचडाउन से ठीक 20 सेकंड पहले एलईओएस द्वारा विकसित लैंडिंग हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी कैमरा (LHVC) द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण सुधार के चलते विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग हुई।

ISRO And NASA

इसरो और नासा

नासा को इसरो सेंसर में दिलचस्पी

श्रीराम ने कहा, चंद्रयान-3 में सेंसर सहित सभी उप-प्रणालियों के विकास के संदर्भ में एक अलग आयाम की जरूरत है, जो इसरो के लिए बेहद खास है। अब नासा ने कहा है कि वे हमारे द्वारा उपयोग किए गए कुछ सेंसरों में दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी इस्तेमाल की गई प्रौद्योगिकी के बारे में और अधिक जानने की इच्छुक है और उन्हें खरीदने में भी रुचि दिखाई है। नासा आगे के सहयोग में बहुत रुचि रखता है। आर्टेमिस नासा के भविष्य के मिशनों में से एक है जो इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाएगा। वे चाहते हैं कि भारत ऐसे अभियानों में भाग ले। यह वैश्विक सहयोग का स्तर है जिसमें ऐसे चंद्र मिशन शुरू होते हैं।

End of Feed