नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ चुकी है। उनके खिलाफ दर्ज कराई गई कथित रेप शिकायत के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी को निर्देश दिया है कि मामले की जांच अगली सुनवाई तक पूरी की जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर की तारीख तय की है।
चंद्रशेखर आजाद पर रेप के आरोप मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने DCP को दिया निर्देश। PTI
यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उसने चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर कथित तौर पर रेप करने का आरोप लगाया है। एक पीड़िता ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण करने के साथ ही धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और कोर्ट ने जांच की प्रगति पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली पुलिस ने मांगा दो महीने का समय
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए अदालत से दो महीने का समय मांगा। पुलिस की ओर से अदालत में अब तक की जांच से संबंधित एक स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की गई। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस को लंबा समय देने के बजाय DCP को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक जांच पूरी हो जाए। अब इस मामले में 23 अक्टूबर को कोर्ट के सामने जांच की स्थिति रखी जाएगी।
महिला ने शादी का झांसा देकर रेप का लगाया आरोप
मामले की शुरुआत एक महिला की शिकायत से हुई है। महिला ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आजाद ने शादी का वादा करके उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि महिला की ओर से लगाए गए आरोप अभी आरोप ही हैं। कोर्ट ने इस स्तर पर आरोपों को सही या गलत ठहराने संबंधी कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कौन हैं चंद्रशेखर आजाद?बता दें कि चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद हैं और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह भीम आर्मी के संस्थापक के तौर पर भी जाने जाते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने नगीना सीट से जीत हासिल की थी।
आजाद इससे पहले भी सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद उन्होंने संसद परिसर में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास धरना भी दिया था। उनके इस प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई थीं।
अब 23 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल इस मामले में अदालत ने जांच को लेकर दिल्ली पुलिस को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। पुलिस की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर अगली सुनवाई में मामले की स्थिति पर चर्चा होगी। कोर्ट ने डीसीपी को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि 23 अक्टूबर की अगली तारीख तक जांच पूरी हो जाए। ऐसे में अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की जांच और अगली सुनवाई पर नजर रहेगा।
