Chandigarh mayoral polls: चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान वोटों को रद्द करने को लोकतंत्र का मजाक बताने के कुछ घंटों बाद आम आदमी पार्टी ने सोमवार को पीठासीन अधिकारी का वीडियो जारी किया। आप ने पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्रों को अवैध घोषित करने से पहले उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का एक नया कथित वीडियो जारी किया। पार्टी ने कहा कि यह वीडियो बीजेपी की तानाशाही का जीता जागता सबूत है।
आप ने जारी किया वीडियो
रिटर्निंग अफसर का वीडियो आया सामने
चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद में उस वक्त एक और मोड़ आया जब सोशल मीडिया पर एक नया और साफ वीडियो सामने आया है जिसमें पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को मतपत्रों पर हस्ताक्षर करते हुए देखा जा सकता है। हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरे ने उन्हें कैद कर लिया।
फुटेज में अनिल मसीह को सीसीटीवी कैमरे की ओर देखते हुए मतपत्रों पर टिक करते हुए कैद किया गया है। इससे 30 जनवरी को हुए चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ गए हैं, जिसमें बीजेपी उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। सीसीटीवी कैमरे के कैप्चर किया गया नया वीडियो आम आदमी पार्टी सांसद स्वाति मालीवाल ने भी साझा किया, जिन्होंने दावा किया कि मसीह को रंगे हाथों पकड़ा गया। नया वीडियो सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर मसीह को फटकार लगाने के कुछ घंटों बाद सामने आया।
सुप्रीम कोर्ट ने की थी खिंचाई
तीन जजों की खंडपीठ का नेतृत्व करने वाले मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हैरान होकर कहा, इस तरह से लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जाएगी और अगर शीर्ष अदालत चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से संतुष्ट नहीं होगी तो वह दोबारा चुनाव का आदेश देगी। अदालत ने मतपत्रों और मतदान कार्यवाही के वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अनिल मसीह को 19 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान निजी तौर पर मौजूद रहने के लिए भी बुलाया है।
आप की मांग, नए सिरे से कराए जाएं चुनाव
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश तब आया जब आप ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया। हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ में नए सिरे से मेयर चुनाव की मांग करने वाली पार्टी की याचिका पर कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। भाजपा ने 30 जनवरी को हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जीत हासिल की और कांग्रेस-आप गठबंधन को हराकर तीनों पद बरकरार रखे थे।
