हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से शुक्रवार को कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं।अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा तथा यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई।उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ निवासी जयकिशन नाम का टैक्सी चालक मंडी जिले में पंडोह बांध के निकट कैंच मोड़ पर भूस्खलन के कारण घायल हो गया तथा उसका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर (फाइल फोटो: PTI)
अधिकारियों के अनुसार, शिवाबदर मार्ग का एक हिस्सा धंस गया, जिससे चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 21 अवरुद्ध हो गया और गांव से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया।मंडी की पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि बारिश रुकते ही सड़क के एक तरफ से यातायात बहाल कर दिया जाएगा।मशेरन नाले में बाढ़ आ जाने और सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर एवं मलबा बिखर जाने से मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 यहां लाहौल एवं स्पीति ज़िले के जिस्पा में बंद कर दिया गया। सड़क पर मलबा गिरने का वीडियो भी प्रसारित हो रहा है और यहां आई बाढ़ से कई लोगों के खेत बर्बाद हो गए हैं।
लाहौल एवं स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीन ले जाई गईं हैं और प्रशासन काम पर लगा हुआ है।बिलासपुर जिले में समलातू के पास चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर एक बार फिर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हुए मार्ग पर एकतरफ़ा यातायात बहाल कर दिया गया है। वर्तमान में सड़क का दूसरा हिस्सा पूरी तरह से मलबे से पटा हुआ है।
भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आगाह किया है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें।हिमाचल प्रदेश में जुलाई में 250.3 मिलीमीटर बारिश हुई जो औसत बारिश 255.9 मिलीमीटर से दो प्रतिशत कम है।स्थानीय मौसम कार्यालय ने शुक्रवार को राज्य के तीन से 10 जिलों के अलग-अलग इलाकों में मंगलवार तक भारी बारिश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम को आपदा प्रभावित मंडी ज़िले की 171 सड़कों सहित राज्य की कुल 291 सड़कें बंद कर दी गईं।
