FCRA बिल को JPC में भेज सकती है सरकार, विपक्ष कर रहा इसे वापस लेने की मांग

इन दोनों पार्टियों ने विधेयक को वापस लेने की मांग की, लेकिन बीजद जैसे अन्य दलों का मानना है कि विधेयक को व्यापक चर्चा के लिए संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि द्रमुक भी विधेयक को वापस लिए जाने के पक्ष में है।

FCRA Bill : सरकार 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति के पास भेजने पर विचार कर रही है, हालांकि कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने इसे वापस लेने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस उन पार्टियों में शामिल थीं जिन्होंने यह मुद्दा उठाया, हालांकि यह एजेंडा का हिस्सा नहीं था। इन दलों ने सवाल किया कि एफसीआरए विधेयक को सदन में कब लाया जाएगा। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि इस बारे में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।

FCRA Bill

एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे विपक्ष के कई दल।

विधेयक को वापस लिए जाने के पक्ष में है DMK

इन दोनों पार्टियों ने विधेयक को वापस लेने की मांग की, लेकिन बीजद जैसे अन्य दलों का मानना है कि विधेयक को व्यापक चर्चा के लिए संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि द्रमुक भी विधेयक को वापस लिए जाने के पक्ष में है। यह विधेयक इस साल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था जिसमें देश में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) तथा विदेशी वित्तपोषण पर सरकार की कड़ी निगरानी का प्रस्ताव है।

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