'केंद्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने के अपने वादों को पूरा करने में रहा विफल' , उमर का आरोप

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लद्दाखी नेताओं, खासकर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति रुख में अचानक आए बदलाव की भी आलोचना की।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र पर अपने वादों को पूरा न करके लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दोनों के साथ विश्वासघात करने और राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी करके अविश्वास बढ़ाने का आरोप लगाया है। एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार पहले जम्मू-कश्मीर और अब लद्दाख के लिए अपने रोडमैप पर अमल करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख को "असंभव" आश्वासनों से गुमराह किया गया है।

omar

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो: PTI)

उन्होंने कहा, 'जब आप चाहते थे कि वे (लद्दाख) हिल काउंसिल चुनावों में भाग लें, तो आपने उनसे छठी अनुसूची का वादा किया था। सभी जानते थे कि लद्दाख को छठी अनुसूची देना लगभग असंभव था। एक ऐसा क्षेत्र जिसकी सीमाएँ एक तरफ चीन और दूसरी तरफ पाकिस्तान से लगती हैं, वहाँ एक बड़ी रक्षा उपस्थिति की आवश्यकता होती है, जिसे छठी अनुसूची असंभव बनाती है। फिर भी, आपने चुनावी भागीदारी दिलाने के वादे किए।'

End of Feed