Karnataka Bandh: तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के खिलाफ किसानों और कन्नड़ संगठनों ने 29 सितंबर को बंद का ऐलान किया है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश के अनुसार तमिलनाडु को कावेरी नदी का 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने पर सहमत हुई थी। इसके विरोध में 26 सितंबर को बेंगलुरू बंद किया गया था। अब शुक्रवार 29 सितंबर को कर्नाटक बंद का आह्वन किया गया है। कर्नाटक बंद का यह आह्वान 26 सितंबर को बेंगलुरु बंद के आह्वान के बाद आया है। बेंगलुरु बंद से समर्थन वापस लेने वाले कई संगठनों ने कर्नाटक बंद का समर्थन करने की बात कही है। इस विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर बेंगलुरु यूनिवर्सिटी की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। इस बंद को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) ने समर्थन दिया है। नीचे जानिए इस दिन पूरे प्रदेश में क्या बंद रहेगा और क्या खुला रहेगा।
कावेरी जल को लेकर 29 सितंबर को कर्नाटक बंद रहेगा
Karnataka Bandh: क्या बंद रहेगा और क्या खुला रहेगा
‘कन्नड़ ओक्कुटा’ के बैनर तले 29 सितंबर को कर्नाटक बंद की घोषणा की गई है। बेंगलुरु शहरी जिले के उपायुक्त दयानंद केए ने बंद के मद्देनजर मंगलवार को शहर के सभी स्कूल और कॉलेज में छुट्टी की घोषणा की है। कैब सेवाएं, ऑटो और होटल/रेस्टोरेंट सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं लेकिन वाहन चालकों और होटल संचालकों ने कहा कि बहुत अधिक लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) ने कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा बुलाए गए 29 सितंबर के कर्नाटक बंद को समर्थन दिया। आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) क्षेत्र सहित अधिकतर निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। शहर के कुछ मॉल को बंद रखने का फैसला किया गया है। कई दुकानें और प्रतिष्ठान भी सुबह सामान्य दिनों की तरह काम करते दिखाई नहीं दिए।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और विनियमन समिति के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार करने के बाद कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। इन आदेशों में कर्नाटक को पड़ोसी तमिलनाडु को 5000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। किसान संगठन और कन्नड़ समर्थक संगठन कावेरी बेसिन जिलों मैसूर, मांड्या, चामराजनगर, रामनगर, बेंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे राज्य सरकार से पड़ोसी राज्य के लिए पानी नहीं छोड़ने का आग्रह कर रहे हैं। कर्नाटक का कहना है कि वह जल छोड़ने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि मानसून में कम बारिश के कारण पानी की कमी है तथा कावेरी बेसिन इलाकों में खड़ी फसल की सिंचाई और पेयजल संबंधी आवश्यकताओं के कारण उसे स्वयं इसकी जरूरत है।
