Cash for Query Case: लोकसभा की आचार समिति की निष्कासन की सिफारिश पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि उनके साथ कंगारू कोर्ट ने खेल खेला है। भले ही उन्हें निष्कासित कर दिया जाए, मगर पर वह अगली बार बड़े अंतर से जीत हासिल करेंगी।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
गुरुवार (नौ नवंबर, 2023) को समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ से उन्होंने कहा- यह एक कंगारू कोर्ट की ओर से खेला गया पहले से 'फिक्स' मैच है। भारत के लिए यह संसदीय लोकतंत्र की मृत्यु है। भले ही वे मुझे निष्कासित कर दें, लेकिन मैं अगली लोकसभा में बड़े अंतर के साथ जीतकर आऊंगी।
उन्होंने साफ किया कि सिफारिश को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसे संसद के शीतकालीन सत्र में लिया जाना चाहिए। यह फैसला उन्हें सवाल पूछते रहने और अधिक जोर के साथ ‘भाजपा-अडाणी की मिलीभगत’ का खुलासा करने से नहीं डिगा सकता।
वह आगे बोलीं, ‘‘पहली बात तो यह केवल एक सिफारिश है। अभी कुछ नहीं हुआ है। वे इसे संसद के शीतकालीन सत्र में लाएं। यह दरअसल मेरे लिए कुछ नहीं है। यह मुझे चुप नहीं कर सकता।’’ निष्कासन की सिफारिश के आचार समिति के कार्य क्षेत्र की वैधता पर सवाल खड़ा करते हुए मोइत्रा ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि भाजपा ने पूरे देश को दिखा दिया है कि उन्होंने संसदीय लोकतंत्र का कैसा मजाक बनाया है।’’
वैसे, पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में फंसीं अपनी सांसद महुआ मोइत्रा का गुरुवार को समर्थन किया। तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि जो भी सरकार से सवाल करता है, उसे केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा "परेशान" किया जाता है।
हालांकि, मार्क्सवादी कांग्रेस पार्टी (माकपा) ने चुटकी लेते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी को पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा के ‘धन लेकर सवाल पूछने’ से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करने में कई दिन लग गए। माकपा ने आरोप लगाया कि चूंकि उन्होंने (महुआ ने) अरबपति गौतम अड़ाणी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बोला है इसलिए तृणमूल इससे बच रही है।
