नक्काशीदार लकड़ी का झूला, पश्मीना शॉल और कश्मीर का केसर; मोदी-नाहयान की मुलाकात की इनसाइड स्टोरी

बीते कुछ वर्षों में भारत और यूएई के रिश्ते लगातार और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2019 में यूएई द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया जा चुका है, जो दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया मुलाकात ने भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती दी। दो दिन पहले भारत दौरे पर आए यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से भेंट की। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उनके परिवार का गर्मजोशी से स्वागत किया। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने उन्हें भारत की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े खास उपहार भेंट किए। वहीं, यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के भारत आने पर पीएम मोदी खुद उन्हें रिसीव करने गए थे। साथ ही उन्हें अपना भाई बताया था।

पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान।

पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान। फोटो- ANI

गुजरात का नक्काशीदार लकड़ी का झूला

प्रधानमंत्री ने शेख मोहम्मद बिन जायद को गुजरात की पारंपरिक शाही शैली में निर्मित एक नक्काशीदार लकड़ी का झूला भेंट किया। इस झूले को कुशल कारीगरों ने हाथ से तराशा है, जिसमें फूलों की आकृतियां और पारंपरिक डिज़ाइन उकेरे गए हैं। यह झूला गुजरात के कई घरों की शोभा बढ़ाता है।खास बात यह है कि यूएई ने वर्ष 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किया है, ऐसे में यह उपहार पारिवारिक मूल्यों के सम्मान का संदेश भी देता है।

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