PM Modi PTI Interview: कांग्रेस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'पीटीआई-भाषा' को दिया गया साक्षात्कार "कोई साक्षात्कार नहीं था" और दावा किया कि इसे "सोच-समझकर तैयार किया गया" और यह "हताशा भरी जनसंपर्क की कवायद" थी। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि "व्यापार समझौते पर अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण करने के कारण घेराबंदी और हमले का सामना कर रहे" प्रधानमंत्री अब सुर्खियां बटोरने की अपनी "पसंदीदा रणनीति" का सहारा ले रहे हैं।
कांग्रेस ने पीएम मोदी पर कसा तंज (फाइल फोटो)
'पूरी तरह विफल रहा बजट'
रमेश ने कहा, "प्रधानमंत्री को पता है कि इस साल का बजट पूरी तरह से विफल रहा है और बौद्धिक थकावट के सभी लक्षण दर्शाता है। बाजारों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और निवेशक इससे प्रभावित नहीं हुए हैं। इसलिए, उन्हें बजट पेश होने के दो सप्ताह बाद और संसद में विपक्ष द्वारा इसकी धज्जियां उड़ाए जाने के कुछ दिनों बाद साक्षात्कार देना आवश्यक लगा।"
कांग्रेस ने PM मोदी पर कसा तंज
कांग्रेस नेता ने कहा, "हमेशा की तरह, मोदी शैली के कुछ ऐसे 'वन लाइनर्स' (संक्षिप्त बयान) हैं जिनका वास्तविकता में कोई खास मतलब नहीं है।"
रमेश ने दावा किया कि मोदी लाखों किसानों के साथ किए गए अपने "विश्वासघात" और अन्य "आत्मसमर्पणों" से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने कहा, "उनका तथाकथित साक्षात्कार कोई साक्षात्कार नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित और हताशाभरी जनसंपर्क कवायद है।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं।"
उनका यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के 'पीटीआई-भाषा' को दिये साक्षात्कार में यह कहने के बाद आया कि इस साल का बजट मजबूरी के कारण पैदा हुआ "अभी नहीं तो कभी नहीं" वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा "हम तैयार हैं" वाला क्षण था। उन्होंने कहा कि यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की "प्रबल इच्छा" को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य 'बही खाता' दस्तावेज तैयार करने की मानसिकता से नहीं बनाया गया, क्योंकि "यह हमारा दृष्टिकोण नहीं है।" प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले लाल किले की प्राचीर से की गई "यही समय है, सही समय है" घोषणा को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार में "अब समय आ गया है" की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है।
