BRICS Summit 2026: राजधानी दिल्ली में 11 से 13 तारीख तक ब्रिक्स समिट के दौरान दुनिया भर के दिग्गजों का जमावडा होगा। जिसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली जिले में सुरक्षा का ऐसा बहुस्तरीय घेरा तैयार किया गया है,जिसमें दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल, NSG, IB और SPG के जवान भी तैनात रहेंगे।
ब्रिक्स समिट 2026 के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था (प्रतीकात्मक फोटो)
एयरपोर्ट से होटल और भारत मंडपम तक चप्पे-चप्पे की होगी निगेहबानी
शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने वाले होटल और भारत मंडपम तक के प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। यहां करीब 7,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनात किए जाएंगे। इतना ही नहीं ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए भी करीब 4800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी मैदान में रहेंगे।हर स्तर पर सुरक्षा की निगरानी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्थाओं को लेकर नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था,सुरक्षा और एंटी-टेरर इंतजामों को लेकर कई दौर की ब्रीफिंग हो चुकी है। सभी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं, वहीं वरिष्ठ अधिकारी तैयारियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। इसके अलावा एंटी-ग्रैफिटी पेट्रोलिंग,पिकेट चेकिंग,गश्त और स्थायी तैनाती बढ़ाई गई है। विदेशी प्रतिनिधियों के ठहरने वाले स्थानों और कार्यक्रम स्थलों के अंदर-बाहर सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है।
छतों से लेकर CCTV और टेक्निकल सर्विलांस तक
DCP सचिन शर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में रूफटॉप डिप्लॉयमेंट, CCTV,तकनीकी निगरानी और एंटी-सबोटाज चेकिंग को शामिल किया गया है। संदिग्ध ड्रोन या किसी अन्य अनधिकृत हवाई वस्तु पर भी नजर रखी जाएगी। एक कॉमन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए अलग-अलग एजेंसियों से मिलने वाली सूचनाओं को एक जगह जुटाया जाएगा। BDDS टीमें, क्विक रिस्पांस टीम,दमकल,एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी टीमों को भी तैयार रखा जाएगा।
35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक पाबंदी
इसके साथ ही VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक को जरूरत के अनुसार रोका या डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों की पहचान की गई है। इनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, मथुरा रोड, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, शांति पथ, शंकर रोड, अफ्रीका एवेन्यू रोड और अन्य प्रमुख मार्ग शामिल हैं। करीब 22 प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट भी चिह्नित किए गए हैं, जहां VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा।
10 बड़े होटल भी सुरक्षा घेरे में
इस शिखर सम्मेलन के दौरान सिर्फ दिल्ली की सड़कें ही नहीं बल्कि विदेशी प्रतिनिधियों के ठहरने वाले करीब 10 प्रमुख होटल और 12 महत्वपूर्ण स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। DCP सचिन शर्मा ने साफ कर दिया कि शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में प्रवेश केवल अधिकृत प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और वैध पास धारकों को ही मिलेगा। इस दौरान बायोमेट्रिक पास,CCTV और तकनीकी निगरानी के जरिए एंट्री-एग्जिट पर नजर रखी जाएगी। VVIP काफिलों की आवाजाही पर GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाएगा।दिल्ली वालों को मेट्रो इस्तेमाल करने की सलाह
इस दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 11 से 13 सितंबर के बीच घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी लेने और अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी है। लोगों से संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करने को कहा गया है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए 11 सितंबर को दिल्ली के स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। निजी कार्यालयों को भी वर्क फ्रॉम होम पर विचार करने की सलाह दी गई है।
DCP सचिन शर्मा ने लोगों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान राजधानी में आवाजाही कम से कम प्रभावित हो।
