BRICS शिखर सम्मेलन में जहां वैश्विक मुद्दों पर कूटनीतिक बातचीत हो रही है, वहीं भारत की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ भी सुर्खियों में है। पुतिन, जिनपिंग समेत ब्रिक्स नेताओं के लिए खास शाकाहारी मेन्यू तैयार किया गया, जिसमें भारतीय खान-पान की विविधता और पारंपरिक स्वादों का संगम देखने को मिला। मेहमानों की मेज पर खांडवी, मशरूम गलौटी कबाब से लेकर पनीर लबाबदार और हिमालयन गुच्छी तक कई खास व्यंजन परोसे गए।
ब्रिक्स नेताओं के लिए सजेगा खास शाकाहारी मेन्यू।
स्टार्टर में खांडवी और मशरूम गलौटी कबाब
डिनर की शुरुआत खास शाकाहारी स्टार्टर से हुई। मेहमानों को गुजरात की पारंपरिक खांडवी के साथ मशरूम गलौटी कबाब परोसा गया। मुलायम और हल्के स्वाद वाली खांडवी ने गुजराती खान-पान की झलक पेश की, जबकि मशरूम गलौटी कबाब में भारतीय मसालों के साथ मशरूम का खास स्वाद देखने को मिला।
मुख्य व्यंजन में पनीर लबाबदार और हिमालयन गुच्छी
मुख्य भोजन में उत्तर भारतीय स्वाद की खास मौजूदगी रही। मेहमानों को पनीर लबाबदार परोसा गया। इसके साथ हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाला खास और प्रीमियम गुच्छी मशरूम भी मेन्यू में शामिल रहा। गुच्छी अपने अनोखे स्वाद और दुर्लभता के कारण भारतीय व्यंजनों में खास पहचान रखती है।
डिनर में दक्षिण भारत के स्वाद को भी शामिल किया गया। गाजर-बीन्स पोरियल को दक्षिण भारतीय मसालों और नारियल के साथ तैयार किया गया। वहीं टमाटर-बेल्ले सारू ने पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद की झलक पेश की। अरहर दाल से तैयार यह व्यंजन मेन्यू में हल्के और अलग स्वाद के रूप में शामिल रहा।
मिलेट पुलाव में दिखा ‘श्री अन्न’ का स्वाद
मुख्य भोजन के साथ मिलेट पुलाव भी परोसा गया। इसमें बासमती चावल के साथ बाजरे का इस्तेमाल किया गया, जिससे मेन्यू में ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज की भारतीय परंपरा भी शामिल हुई। इसके साथ चुकंदर का रायता और अलग-अलग तरह की भारतीय ब्रेड परोसी गईं।
डेजर्ट में पुरानी दिल्ली की मिठास
डिनर आखिर में मेहमानों को ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम-जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई। शहतूत फिरनी को दूध और चावल को धीमी आंच पर पकाकर तैयार किया गया और इसे खास अंदाज में गोल्ड लीफ से सजाकर पेश किया गया। वहीं फ्रूट क्रीम-जलेबी के जरिए पुरानी दिल्ली की मिठास को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की डिनर टेबल तक पहुंचाया गया।डिनर टेबल पर दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता
BRICS नेताओं के लिए आयोजित यह डिनर सिर्फ मेहमाननवाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भारत की खान-पान की विविधता और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। एक ही मेन्यू में गुजरात, उत्तर भारत, दक्षिण भारत और हिमालयी क्षेत्र के व्यंजनों को शामिल कर भारत ने अपनी विविध पाक परंपराओं को दुनिया के सामने पेश किया। जहां सम्मेलन में भारत वैश्विक सहयोग और कूटनीति का संदेश दे रहा है, वहीं डिनर टेबल पर भारतीय स्वाद और परंपरा ने इस कूटनीति को एक अलग रंग दिया। पुतिन, जिनपिंग समेत ब्रिक्स नेताओं के लिए तैयार किए गए इस खास शाकाहारी मेन्यू ने भारतीय व्यंजनों को वैश्विक मंच पर पेश करने का भी काम किया।
