ब्राजील की मिट्टी, बेलारूस की विलो वीविंग... ब्रिक्स बाजार में सजी दुनिया की अनोखी कलाएं , दिखा संस्कृति का अनोखा संगम

हस्तशिल्प बाजार ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के कारीगरों, डिजाइनरों और रचनात्मक उद्यमों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र, कलाकृतियां और अन्य पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं।

दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर आयोजित हस्तशिल्प बाजार में सदस्य और साझेदार देशों की विविध सांस्कृतिक विरासत देखने को मिल रही है। भारत मंडपम के पास स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी परिसर में लगाए गए इस बाजार में अलग-अलग देशों के कारीगर अपनी पारंपरिक कला और शिल्प का प्रदर्शन कर रहे हैं।

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राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी परिसर में लगाए गए बाजार में ब्राजील की मिट्टी से कलाकृतियां बनाने की सदियों पुरानी परंपरा से लेकर बेलारूस की पारंपरिक विलो वीविंग तक आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विलो वीविंग में पेड़ की लचीली और पतली टहनियों को बुनकर टोकरियां, फर्नीचर, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की दूसरी वस्तुएं तैयार की जाती हैं। यह बेलारूस की पुरानी लोक कलाओं में शामिल है।

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