BRICS Summit 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।
दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग
जिनपिंग का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट में उतरा, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने चीन के राष्ट्रपति को रिसीव किया।
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि जिनपिंग लगभग सात साल बाद भारत आए हैं। इससे पहले, उन्होंने 2019 में तमिलनाडु के मामल्लपुरम में पीएम मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता में हिस्सा लिया था।
जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन है शामिल
जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की शक्तिशाली पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव कार्यालय के निदेशक काई ची तथा चीन के विदेश मंत्री और सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी भी शामिल हैं।
कब-कब जिनपिंग ने की भारत यात्रा?
जिनपिंग ने 2019 में मामल्लपुरम में पीएम मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता की थी। इससे पहले जिनपिंग 2016 में गोवा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। वहीं, सितंबर 2014 में उन्होंने पहली बार भारत का दौरा किया था और पीएम मोदी के साथ व्यापक बातचीत की थी।
BRICS शिखर सम्मेलन
ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हुए। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी समूह का सदस्य बना। पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को ब्रिक्स साझेदार देश बनाया गया।
भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में तीन बार समूह की अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी, 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के बाद चीन ब्रिक्स की अगली अध्यक्षता संभालेगा।
