भारत में बने इन हथियारों ने मचा रखी है धूम, खरीदने के लिए लाइन में लगीं विदेशी सेनाएं

FY 2023-24 में डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़कर Rs 21,083 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 32.5 परसेंट ज्यादा है। यहां सबसे बड़ी बात ये कि भारत अब 85 से ज्यादा देशों को हथियार एक्सपोर्ट करता है। भारतीय मिसाइलों और रॉकेट सिस्टम में दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।

Indian Weapons: हाल के सालों में भारत हथियार इंपोर्ट करने से एक्सपोर्ट करने लगा है। भारत के जो हथियार विदेशी सेनाओं के लिए खास हैं, उनमें मिसाइल और रॉकेट सिस्टम इसमें सबसे आगे हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, FY 2023-24 में डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़कर Rs 21,083 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले 32.5 परसेंट ज्यादा है। भारत अब 85 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट करता है। भारतीय मिसाइलों और रॉकेट सिस्टम में दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है, जो मिलिट्री हार्डवेयर का ग्लोबल सप्लायर बनने की नई दिल्ली की ख्वाहिशों को दिखाता है। आइए जानते हैं कि किन हथियारों को खरीदने के लिए विदेशी सेनाएं लगा रहीं जोर...

MISSILE

भारत में बने हथियारों को खरीदने के लिए लाइन में खड़ी विदेशी सेनाएं

BrahMos: सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

भारत-रूस की जॉइंट ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डिमांड लिस्ट में सबसे ऊपर है। सबसे पहले 2022 में फिलीपींस से इसका सौदा हुआ, जो लगभग US $375 मिलियन का था। यह इस सिस्टम के लिए अपनी तरह का पहला एक्सपोर्ट था। भारत वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइल सप्लाई करने के लिए $700 मिलियन की डील को भी फाइनल करने के करीब है। इसकी डिमांड इसकी सी-स्किमिंग ट्रैजेक्टरी, Mach 2.5-प्लस स्पीड और जमीन, हवा और नेवल प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने की क्षमता के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर में इसकी सफलता की वजह से है। इसके सफल ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन के बाद से, दुनिया भर में दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है, वियतनाम, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, ब्रुनेई, ब्राजील, चिली, अर्जेंटीना, UAE, सऊदी अरब, कतर और मिस्र सहित कम से कम 16 देश ब्रह्मोस को शामिल करने के लिए ऑफिशियली इवैल्यूएट कर रहे हैं।

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