Blue Drum Case Verdict: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है। अदालत के फैसले के बाद जहां सौरभ के परिवार ने संतोष जताया, वहीं इस मामले में जज की टिप्पणी भी चर्चा में है।
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है।
टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में सौरभ की मां रेनू देवी ने बताया कि फैसला सुनाते समय जज ने महाभारत के प्रसंग का जिक्र किया और कानून की भूमिका को लेकर अहम बात कही। उन्होंने अहम टिप्पणी में कहा कि 'दंड भी धर्म है'। उन्होंने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि 'दंड को भी धर्म ही बताया गया है, यानी अपराधी को दंड देना धर्म है।'
‘जब लोग सोते हैं तो कानून जगाता है’
सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी के मुताबिक, फैसला सुनाते समय जज ने महाभारत के कुछ प्रसंगों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जज ने कहा, “जब लोग सोते हैं तो कानून जगाता है।” इसके बाद जज ने मुस्कान और साहिल की ओर देखते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले में अपना फैसला लिख दिया है और दोनों को मृत्युदंड दिया जाता है। हालांकि, जज की टिप्पणी के इन शब्दों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। इसलिए इसे सौरभ की मां के बयान के आधार पर ही समझना चाहिए।
फैसला सुनते ही अदालत में कैसा था माहौल?
रेनू देवी ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत में मौजूद लोगों ने खुशी जाहिर की और भारत माता की जय के नारे लगाए। उनके मुताबिक, कुछ अधिवक्ताओं ने भी जज के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। सौरभ के परिवार के लिए यह फैसला लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया है। रेनू देवी ने कहा कि परिवार को वह न्याय मिला, जिसकी उसे तलाश थी। उन्होंने मामले में साथ देने वाले वकीलों और सहयोगियों का भी आभार जताया।
मुस्कान और साहिल को किन मामलों में दोषी ठहराया गया?
मामले में 30 सितंबर को जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, मार्च 2025 में सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपाया गया था। इसी घटना के कारण यह मामला देशभर में चर्चा में आया और इसे ‘ब्लू ड्रम केस’ कहा जाने लगा।
सौरभ की मां ने बेटी और नातिन को लेकर भी कही बात
फैसले के बाद रेनू देवी ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए कहा कि वह दोनों दोषियों को मौत की सजा मिलने से संतुष्ट हैं। उन्होंने जेल में बंद बेटी से कोई संबंध नहीं रखने की बात कही। वहीं, बड़ी नातिन को लेकर उन्होंने कहा कि अगर बच्ची के नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के उनके हवाले कर दें, तो वे उसे अपने पास रखने के लिए तैयार हैं।
