Mamata Banerjee on Sandeshkhali: संदेशखाली मामले को लेकर टीएमसी और बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। ममता ने रविवार को कहा कि संदेशखालि में एक घटना कराई गई और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर प्रवर्तन निदेशालय एवं मीडिया के साथ मिलकर इसकी पटकथा लिखने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने यह भी कहा कि संदेशखाली में एक भी महिला ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है और उन्होंने ही पुलिस को इस संबंध में स्वत: संज्ञान लेने का निर्देश दिया था। टीएमसी नेताओं द्वारा महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और ज़मीन हड़पने के आरोपों को लेकर उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र के गांवों में फरवरी के पहले हफ्ते से प्रदर्शन हो रहे हैं।
ममता बनर्जी का बीजेपी पर आरोप
ममता ने कहा, बीजेपी ने कराई संदेशखाली घटना
ममता बनर्जी ने कहा, एक घटना घटी है। इसे कराया गया था। सबसे पहले, उन्होंने (भाजपा ने) प्रवर्तन निदेशालय को भेजा और फिर ईडी के मित्र, भाजपा ने कुछ मीडियाकर्मियों के साथ संदेशखाली में प्रवेश किया और मीडिया ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने बीरभूम जिले के सूरी में राज्य सरकार द्वारा आयोजित सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, संदेशखाली की एक भी महिला ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। मैंने पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हमारे ब्लॉक अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। ममता बनर्जी ने कहा, टीएमसी नेता अरब-उल-इस्लाम को भी गिरफ्तार किया गया है। लेकिन भाजपा ने अपने नेताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की है? याद रखें, भाजपा बंगाली विरोधी, महिला विरोधी, किसान विरोधी और दलित विरोधी है।
ममता ने टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी गिनाई
पूर्व विधायक इस्लाम को आठ महीने पहले दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के पंचायत चुनाव उम्मीदवार की हत्या में कथित संलिप्तता के लिए आठ फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। टीएमसी प्रमुख ने भाजपा पर हमला करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी ने अपने किसी दागी नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई की है? उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा, वामपंथी दल और कांग्रेस उनकी पार्टी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
कहा, अधिकारियों को भेजा जा रहा है
संदेशखाली में हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने अब तक स्थानीय टीएमसी नेता शिबप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार और हत्या के प्रयास की धाराएं भी जोड़ी हैं जिनमें से एक अब भी फरार है। ममता ने कहा कि वह अपने अधिकारियों को संदेशखाली भेज रही हैं जो वहां स्थानीय लोगों से बात करके पता लगाएंगे कि शिकायतें वास्तविक हैं या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल में लोगों पर अत्याचार होता है तो हम कार्रवाई करते हैं। मैं अधिकारियों को भेज रही हूं जो लोगों की बात सुनेंगे और अगर यह पता चलता है कि किसी ने उनसे चीजें ली हैं, तो उन्हें सब कुछ लौटाया जाएगा। यह मेरा वादा है।
पीएमएलए का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा को चुनाव जीतने में मदद करने के लिए कई टीएमसी नेताओं को जेल में डाला गया है। इस कानून के तहत पूर्व मंत्रियों सहित टीएमसी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। साल 1975-77 के बीच लागू रहे आपातकाल का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि 2,000 से अधिक लोगों को जेल में डालने के बाद भी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी चुनाव नहीं जीत सकीं। उन्होंने कहा, आज भी, अगर कोई लोगों को धमकाकर, सीबीआई, ईडी और चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके और लोगों को जेल में डालकर यही बात सोचता है, तो मैं कहूंगी कि हमें इसका विरोध करने का अधिकार है।
ममता का किसान आंदोलन को समर्थन
मुख्यमंत्री ने पूछा कि हाल में उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में बीएसएफ की खाई में मिट्टी में दबने से चार बच्चों की मौत के बाद भाजपा ने वहां कितनी टीम भेजी थीं? उन्होंने पूछा, "जब दलितों और एससी-एसटी लोगों पर अत्याचार हुआ तो कितनी टीम भेजी गईं? बिलकिस बानो मामले के बाद कितनी टीम भेजी गईं? ममता बनर्जी ने हरियाणा और पंजाब में किसान आंदोलन को लेकर कहा, मैं किसानों के विरोध को सलाम करती हूं। मैं उन पर हमलों की निंदा करती हूं। बंगाल में किसान हमारे अन्नदाता हैं जो हमें भोजन प्रदान करते हैं। लेकिन भाजपा द्वारा उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को देखिए। देखिए कैसे पंजाब, दिल्ली और हरियाणा जल रहा है। मुझे हमारे किसानों से सहानुभूति है। टीएमसी प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के साथ-साथ संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को भी लागू करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा, सतर्क रहें, वे समान नागरिक संहिता लागू करने के नाम पर भी एक खेल कर रहे हैं।
