कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इस बीच, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर सोमवार को करीब दो घंटे तक चली अहम बैठक ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब दिनभर प्रदेश प्रभारियों और मोर्चा प्रभारियों की बैठक भी चली थी, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन (फाइल फोटो)
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
नितिन नवीन के आवास पर हुई बैठक में पार्टी और सरकार के कई वरिष्ठ चेहरे शामिल हुए। इनमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव, भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, सुनील बंसल और सांसद अनिल बलूनी शामिल रहे। इसके अलावा जेपी नड्डा, भूपेंद्र यादव और पीयूष गोयल के भी बैठक में मौजूद रहने की जानकारी सामने आई है। बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अनिल बलूनी को नितिन नवीन के आवास से बाहर निकलते हुए देखा गया।संगठन के कामकाज पर हुई अहम चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज, ‘सेवा संकल्प अभियान’ और प्रदेश एवं मोर्चा प्रभारियों को सौंपे गए दायित्वों को लेकर चर्चा हुई। पार्टी के संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों और आगे की कार्ययोजना पर भी वरिष्ठ नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।
नितिन नवीन ने प्रदेश प्रभारियों के साथ की पहली बैठक
इससे पहले, नितिन नवीन ने पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ पहली बैठक की। भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में सभी 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारी व सह-प्रभारी शामिल हुए।बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। प्रभारियों को अपने-अपने राज्यों में पर्याप्त समय देने, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से नियमित संवाद करने और जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही युवाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क बढ़ाकर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बैठक की सह-अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने की। स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, राम माधव, बैजयंत पांडा, हरिश द्विवेदी, सतिश पूनिया और बिप्लब कुमार देब समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
