केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण भारतीय सूबे कर्नाटक में होने वाले साल 2023 के चुनावों से ठीक पहले केएस ईश्वरप्पा और रमेश जारकीहोली सरीखे असंतुष्ट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों को समायोजित करने के लिए बहुप्रतीक्षित राज्य सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को शनिवार (31 दिसंबर, 2022) को हरी झंडी दे दी। उन्होंने अप्रैल-मई में होने वाले कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले जरूरी जमीनी स्तर की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए कर्नाटक में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी की। इस बीच मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र, भाजपा महासचिव और राज्य प्रभारी अरुण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और राष्ट्रीय सचिव सीटी रवि जैसे पार्टी के अन्य नेता रहे।
कर्नाटक सीएम बसवराज बोम्माई से शनिवार को बेंगलुरू में एक कार्यक्रम के दौरान बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
"भाजपा कर्नाटक में अकेले चुनाव लड़ेगी"
शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कर्नाटक में दो तिहाई बहुमत से सरकार के गठन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। बेंगलुरू के पैलेस ग्राउंड में भाजपा के बूथ अध्यक्षों और बूथ स्तरीय प्रतिनिधि के सम्मेलन में उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी 2023 के विधानसभा चुनाव में अकेले उतरेगी। यह सीधा मुकाबला होगा क्योंकि जनता दल (सेक्युलर) को वोट देना कांग्रेस को वोट देने जैसा होगा। उन्होंने भाजपा का संदर्भ देते हुए लोगों से यह भी तय करने का आग्रह किया कि वे ‘‘देशभक्तों की पार्टी’’ के साथ खड़े हैं या कांग्रेस के नेतृत्व में ‘‘टुकड़े टुकड़े गिरोह’’ के साथ।Addressing Booth President Sammelan of @BJP4Karnataka in Bengaluru.ಬೆಂಗಳೂರಿನಲ್ಲಿ ಕರ್ನಾಟಕದ ಬೂತ್ ಅಧ್ಯಕ್ಷರ ಸಮ್ಮೇಳವ… t.co/8RMKxRyDbY
— ANI (@ANI) Dec 31, 2022
