ECI Row: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक घमासान में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) खुलकर बचाव में उतर आई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) ने विपक्ष के हमलों का करारा जवाब देते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने और मतदाता सूचियों को शुद्ध करने के लिए ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को कम से कम ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया जाना चाहिए।
ज्ञानश कुमार ने सुधारी राज्य की वोटर लिस्ट-बीजेपी नेता का दावा
CEC को लेकर चल रहे विवाद पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, "पूरे देश को पता है कि पश्चिम बंगाल में क्या हुआ है... सभी जानते हैं कि यहां किस तरह के चुनाव होते हैं। आज पश्चिम बंगाल की जनता ज्ञानेश कुमार को भगवान मानती है, जिन्होंने 70 साल के इतिहास में इतना निडर चुनाव कराया। ज्ञानेश कुमार ने ही लोगों के वोट देने के अधिकार को सुनिश्चित किया।"
राहुल गांधी पर कसा तंज
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए समिक भट्टाचार्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातों को तो खुद उनकी अपनी पार्टी के नेता भी गंभीरता से नहीं लेते। बीजेपी नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य में पहली बार बिना किसी हिंसा, डर या हत्या के लोगों को अपना वोट डालने का मौका मिला। इसके अलावा, ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की ऐतिहासिक पहल की है, जिसकी राज्य की जनता दिल से सराहना करती है।
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कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशव्यापी किया प्रदर्शन
हालांकि, एक तरफ जहां बीजेपी चुनाव आयोग की तारीफ कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशव्यापी मोर्चा खोल रखा है। भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। पटना में विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि पंजाब के चंडीगढ़ में भी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलानी पड़ी।
कई जगह प्रदर्शनकारियों के पुलिस के साथ झड़प
हिमाचल प्रदेश के शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर के बाहर लगे बोर्ड पर कालिख पोत दी। वहीं मणिपुर में कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में पुलिस के साथ झड़प देखने को मिली, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों का यह गुस्सा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सामने आ रहा है।
