Vinod Tawde News: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री विनोद तावड़े ने IIIT भागलपुर के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें मिली उपाधि उनकी शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि एक नई बौद्धिक एवं व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में करने का आह्वान किया।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े।
शिक्षा अपने भीतर अनंत संभावनाएं लेकर चलती है-तावड़े
तावड़े ने कहा कि शिक्षा अपने भीतर अनंत संभावनाएं लेकर चलती है। जब कोई विद्यार्थी किसी संस्थान में प्रवेश करता है, तो उसके साथ उसकी जिज्ञासा, सपने और संभावनाएं आती हैं। वर्षों की शिक्षा, अनुभव, मार्गदर्शन और निरंतर सीखने के बाद यही संभावनाएं आकार लेती हैं। आज का दीक्षांत समारोह इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि भागलपुर की धरती का उल्लेख अपने आप में महत्वपूर्ण है। सदियों पहले इसी क्षेत्र में विक्रमशिला ज्ञान के सृजन,अध्ययन और प्रसार का एक बड़ा केंद्र रहा है। आज IIIT भागलपुर सूचना एवं प्रौद्योगिकी के नए युग की संभावनाओं को आकार देकर ज्ञान की उस परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा रहा है।
'नई संभावनाओं को जन्म दे रहा AI'
तावड़े ने कहा कि आज के तकनीकी परिवेश में ज्ञान की गति असाधारण हो गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने सूचना, शोध, आंकड़ों और विश्लेषण तक पहुंच को और तेज कर दिया है। ऐसे समय में शिक्षा का महत्व केवल सूचना प्राप्त करने में नहीं, बल्कि सूचना को समझने, उसके संदर्भ को जानने, अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संबंधों को पहचानने और सार्थक निष्कर्ष निकालने की क्षमता में है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नवाचार अलग-अलग विषयों के संगम से पैदा होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा, अर्धचालक और भू-राजनीति, जलवायु और प्रौद्योगिकी तथा कृषि और आंकड़ों जैसे क्षेत्रों के बीच नए संबंध नई संभावनाओं को जन्म देंगे। इसलिए विद्यार्थियों को अपने तकनीकी क्षेत्र की गहरी समझ के साथ व्यापक दृष्टिकोण भी विकसित करना होगा।
बिहार के विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका-तावड़े
तावड़े ने कहा कि तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के दौर में किसी स्नातक की सबसे टिकाऊ पूंजी कोई विशेष प्रोग्रामिंग भाषा, सॉफ्टवेयर या तकनीकी प्रणाली नहीं है। सीखने की क्षमता, जटिल समस्याओं को समझने की क्षमता और बदलती परिस्थितियों में अपने ज्ञान को नए संदर्भों से जोड़ने की क्षमता ही उसकी वास्तविक ताकत होगी। उन्होंने कहा कि बिहार और भागलपुर जैसे क्षेत्रों के संदर्भ में प्रौद्योगिकी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां की वास्तविक चुनौतियां केवल अध्ययन के उदाहरण नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याएं हैं।
