Hasirani Rath: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उप-चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ (Hasirani Rath) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि चंद्रनाथ रथ की चुनाव के तुरंत बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हसिरानी रथ को बीजेपी ने दिया नंदीग्राम से टिकट
क्या है हसिरानी रथ का सियासी बैकग्राउंड?
हंसारानी रथ क्षेत्र की वरिष्ठ स्थानीय नेता हैं और 5 बार पंचायत और पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव जीत चुकी हैं। चुनाव नतीजों के बाद 6 मई 2026 को मध्यमग्राम में पूर्व वायु सेना अधिकारी और सुवेंदु अधिकारी के भरोसेमंद PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद खुद सुवेंदु अधिकारी ने उनके परिवार के अभिभावक की भूमिका निभाने का आश्वासन दिया था।
नंदीग्राम में हाई-वोल्टेज मुकाबला
नंदीग्राम सुवेंदु अधिकारी का पारंपरिक राजनीतिक गढ़ माना जाता है। उनके मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने और विधानसभा सीट खाली करने के बाद इस सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान तय हुआ है।
चुनावी हलचल और अन्य उम्मीदवार
टीएमसी की ओर से इस उप-चुनाव में नौकरी गंवाने वाली शिक्षिका संचिता प्रधान डे को चुनाव मैदान में उतारा गया है। वहीं, वाममोर्चा (CPI) ने शांतिगोपाल गिरि और ऋतव्रत समर्थित मोर्चे ने मोहम्मद एहतेशामुल हक को अपना प्रत्याशी बनाया है। हंसारानी रथ स्थानीय कार्यकर्ताओं के विशाल समर्थन और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। पार्टी ने इस भावनात्मक और संगठनात्मक कदम के जरिए नंदिग्राम में अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखने का स्पष्ट संकेत दिया है।
6 मई 2026 की रात लगभग 10:30 बजे हुई हत्या
पूर्व वायु सेना अधिकारी और सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी गाड़ी से मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे। फर्जी नंबर प्लेट वाली एक कार ने अचानक उनकी गाड़ी के आगे आकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। उसी दौरान मोटरसाइकिल से आए शूटरों ने गाड़ी को घेर लिया और विंडशील्ड और खिड़की से ताबड़तोड़ गोलियां (सीने और पेट में) दाग दीं। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
चुनावी रंजिश और राजनीतिक हिंसा
यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के महज दो दिन बाद हुई। भाजपा ने इसे राजनीतिक बदले के तहत की गई टारगेटेड किलिंग करार दिया। चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और चुनाव प्रबंधन के मुख्य रणनीतिकार माने जाते थे।
आंतरिक और बाहरी साजिश की जांच
मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच के दौरान सीबीआई ने कुछ सुपारी शार्पशूटर्स के साथ-साथ पार्टी के अंदरूनी संदिग्धों/स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया, जिन्होंने हमले से पहले रेकी (रेकी/निगरानी) करने और लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने में मदद की थी।
