Arvind Kejriwal Vipassana session: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पंजाब के होशियारपुर पहुंचे हैं। यहां वह बुधवार से 10 दिनों तक चलने वाले विपश्यना सत्र में भाग लेंगे। केजरीवाल के पंजाब जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ने उन पर निशाना साधा है। नई दिल्ली सीट पर उन्हें हराने वाले प्रवेश सिंह वर्मा ने कहा कि वह पहले से ही कहते आ रहे हैं कि वह भागकर पंजाब जाएंगे। जबकि कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल को ताम-झाम में जीने की आदत हो गई है। विपश्यना में भी वह 100 गाड़ियों के काफिले के साथ चल रहे हैं।
विपश्यना सत्र में भाग लेने पंजाब पहुंचे हैं अरविंद केजरीवाल।
ये पंजाब भागेंगे, मैंने पहले ही कहा था-प्रवेश वर्मा
प्रवेश वर्मा ने कहा कि 'मैं चुनाव प्रचार के दौरान भी कहता था कि चुनाव हारने के बाद वह पंजाब भागेंगे। वह पंजाब में अपनी सरकार बचाना चाहते हैं। वह पंजाब से राज्यसभा आते हैं या वहां का सीएम बनते हैं, यह देखने वाली बात होगी।'
विपश्यना में भी 100-100 गाड़ियां लेकर चल रहे हैं-दीक्षित
वहीं, नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि 'वह क्या करते हैं, यह उनका व्यक्तिगत विषय है। इन्हें ताम-झाम में जीने की आदत हो गई है। मैं तो 10 साल से कह रहा हूं कि केजरीवाल सत्ता के लोभी हैं। सादगी इनका ढकोसला था। सत्ता के सुख की इनको इतनी आदत हो गई है कि अपने विपश्यना में भी वह 100-100 गाड़ियों के काफिले के साथ चल रहे हैं।'
पत्नी के साथ चौहाल में वन अतिथि गृह पहुंचे
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ होशियारपुर से लगभग 14 किलोमीटर दूर चौहाल में वन अतिथि गृह पहुंचे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि वह होशियारपुर से लगभग 11 किलोमीटर दूर आनंदगढ़ गांव में स्थित धम्म धजा विपश्यना केंद्र में 10 दिवसीय विपश्यना सत्र में शामिल हुए। केजरीवाल विपश्यना सत्र में शामिल होते रहे हैं और इसके पूर्व में वह जयपुर, नागपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास धर्मकोट और बेंगलुरु सहित कई स्थानों पर जा चुके हैं।
हार के बाद सामने नहीं आ रहे केजरीवाल
यह दूसरी बार है जब केजरीवाल विपश्यना सत्र के लिए आनंदगढ़ आए हैं। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2023 में 10 दिवसीय सत्र में भाग लिया था।
विपश्यना, ध्यान के लिए एक प्राचीन भारतीय विधि है जो आत्म-अवलोकन के माध्यम से आत्म-परिवर्तन पर केंद्रित है। पांच फरवरी के दिल्ली विधानसभा चुनाव में नयी दिल्ली सीट से चुनाव हारने के बाद केजरीवाल सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और उन्होंने खुद को पार्टी से संबंधित गतिविधियों तक ही सीमित कर रखा है।
चुनाव में भाजपा को मिलीं 48 सीटें
आम आदमी पार्टी ने भारी जनादेश के साथ 2015 से 2024 तक दिल्ली पर राज किया था लेकिन इस हालिया विधानसभा चुनाव में वह 70 सदस्यीय सदन में 22 सीट पर सिमट गयी। भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीट जीतकर दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी का वर्चस्व खत्म कर दिया। मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती समेत आप के कई बड़े नेता चुनाव हार गए।
