Samrat Choudhary and Nitish Kumar Assets: बिहार (Bihar Politics 2026) की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा। सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जा चुका है, जिससे यह लगभग तय हो गया है कि वे नई एनडीए सरकार का नेतृत्व करेंगे। राजधानी Patna में BJP और Janata Dal United (जेडीयू) के विधायकों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं।
सम्राट और नीतीश के पास कितनी संपत्ति (Photo: PTI)
इन बैठकों में नेतृत्व को लेकर सहमति बनी और अंततः सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary aur nitish kumar ke paas kitni sampatti hai) के नाम पर मुहर लगाई गई। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया, जिससे गठबंधन के भीतर एकजुटता भी साफ नजर आती है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल यानी आज पटना के ऐतिहासिक गांधी Gandhi Maidan में होगा। बिहार के इन दो दिग्गज नेताओं के पास कितनी संपत्ति है? आज के लेख में हम आपको यही बताने वाले हैं।
सम्राट चौधरी की संपत्ति का ब्यौरा
सम्राट चौधरी ((Samrat Choudhary) की संपत्ति को देखें तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत मानी जाती है। उन्होंने चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति का खुलासा किया था।चल संपत्तियां:
- नकद राशि: 1,71,550 रुपये
- बैंक खातों में जमा: लगभग 27 लाख रुपये
- सोना (पति-पत्नी): करीब 40 लाख रुपये
- शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड: लगभग 32 लाख रुपये
- इंश्योरेंस पॉलिसी: 10 लाख रुपये
- पीपीएफ खाता: 10 लाख रुपये
- वाहन: बोलेरो नियो कार (करीब 7 लाख रुपये)
अचल संपत्तियां:
- तारापुर, मानिकपुर और खजपुरा में जमीन: 8 करोड़ रुपये से अधिक
- पत्नी के नाम पर खेती की जमीन: करीब 50 लाख रुपये
- पटना में कॉमर्शियल बिल्डिंग: लगभग 58 लाख रुपये
(Photo: PTI)
नीतीश कुमार की सादगी भरी संपत्ति
वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने भी अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया है, जो उनकी सादगी को दर्शाता है।
चल संपत्तियां
- नकद: केवल 20,552 रुपये
- बैंक बैलेंस: करीब 57 हजार रुपये
- वाहन: 2015 की फोर्ड इकोस्पोर्ट
- आभूषण: सीमित (करीब 2.03 लाख रुपये)
- कुल चल संपत्ति: लगभग 17.66 लाख रुपये
अचल संपत्ति:
- दिल्ली के द्वारका में एक फ्लैट (वर्तमान कीमत करीब 1.48 करोड़ रुपये)
- कोई कृषि या गैर-कृषि जमीन नहीं
- कोई कर्ज नहीं
बिहार में यह बदलाव सिर्फ नेतृत्व का नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा में बदलाव का संकेत भी है। एक ओर जहां सम्राट चौधरी मजबूत आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ नए नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं नीतीश कुमार सादगी और साफ छवि के लिए जाने जाते हैं। इस बदलाव से यह भी साफ होता है कि भाजपा अब बिहार में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में नई सरकार के फैसले राज्य की राजनीति और विकास की दिशा तय करेंगे।
