Kingmaker in Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से किनारा करने का मन बना लिया है। कहते हैं आपदा ही अवसर है, जीतनराम मांझी और उनकी पार्टी इस सियासी आपदा के बीच सरकार में शामिल होने के लिए अपनी पार्टी के दो नेताओं को मंत्री बनाने की मांग कर दी है। दावे किए जा रहे हैं कि आज ही नीतीश कुमार इस्तीफा देकर NDA में शामिल होकर नई सरकार का गठन कर सकते हैं।
बिहार की सियासत में कौन है किंगमेकर?
मांझी की पार्टी ने दो मंत्री बनाने की मांग की
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के नेता श्याम सुंदर ने कहा, 'HAM जिस प्रकार से गरीबों की बात करती है और गरीबों के बीच में काम करती है वैसी परिस्थिति में हमें लगता है कि हमारी पार्टी को कम से कम 2 मंत्री तो चाहिए। अगर पार्टी के पास मंत्री रहेंगे तो हम जनता को बेहतर सेवा दे सकेंगे। कार्यकर्ताओं की जो एक आकांक्षा है उसकी पूर्ति होनी चाहिए। हमारे नेता प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं लेकिन हमारी इच्छा है कि पार्टी को कम से कम 2 मंत्री मिले।'
किंगमेकर की भूमिका में जीतनराम मांझी
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) नेता जीतन राम मांझी के आवास के बाहर पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा है, "बिहार में बहार हे, बिना मांझी सब बेकार हे।" जीतन राम मांझी पर फिलहाल एनडीए में हैं, पहले महागठबंधन में थे, नीतीश से मनमुटाव के बाद अलग हुए थे, अब जब फिर से नीतीश पलटी पलटी मारकर एनडीए में आने की फिराक में हैं तो मांझी की वैल्यू बढ़ गई है। सीटों के गुणा-गणित पर नजर डाली जाए तो फिलहाल के समीकरण के हिसाब से मांझी ही बिहार में असली किंगमेकर हैं।
मांझी को विपक्षी गठबंधन INDIA से सीधे ऑफर पर ऑफर आ रहा है। कहा तो ये भी जा रहा है कि राहुल गांधी खुद बात कर चुके हैं। शनिवार शाम को मांझी ने अपने विधायकों के साथ बैठक की है। जिसके बाद पार्टी की ओर से कहा गया है कि वो पीएम मोदी के निर्णय के साथ हैं।
मांझी ने अब मोल-तोल करना कर दिया शुरू
बिहार में नीतीश कुमार के बारे में दावा किया जा रहा है कि वो रविवार को फिर से पलटी मारकर बीजेपी के साथ जा सकते हैं। इस्तीफा देकर फिर से सीएम बन सकते हैं। इन अटकलों के बीच पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने अब मोल-तोल करना शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रहे मांझी की शर्तें मानी जाती है या नहीं।
लालू प्रसाद यादव के घर पर चली बैठक
तमाम आशंकाओं के बीच शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता यहां पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के आवास पर एकत्र हुए। लालू प्रसाद के अलावा, उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बैठक में मौजूद हैं। साथ ही राज्य विधानमंडल के सदस्यों सहित वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हैं।
राजद महागठबंधन में सबसे बड़ा दल है। इसके अलावा कांग्रेस और तीन वामपंथी दल भी इसमें शामिल हैं। अगर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) महागठबंधन से किनारा कर लेती है तो महागठबंधन के पास विधानसभा में बहुमत के लिए आठ सदस्य कम रह जाएंगे। ऐसे मजबूत संकेत मिल रहे हैं कि कुमार भारतीय जनता पार्टी के नेृतत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में एक बार फिर वापसी कर सकते हैं। ऐसे में बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन तनाव में दिख रहा है।
