आतंक का पर्याय बन चुके बिहार के आदमखोर बाघ को शनिवार को मार गिराया गया है। यह बाघ अबतक नौ लोगों का शिकार कर चुका था। जिसके बाद इसे मारने का आदेश दिया गया था।
मारा गया आदमखोर बाघ
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (valmiki tiger reserve) में इस क्रूर आदमखोर बाघ ने कहर बरपा रखा था। जिसका अंत आखिरकार शनिवार दोपहर को एसएसबी जवान की गोलियों ने कर दिया।
इस आदमखोर बाघ ने पिछले चार दिनों में एक बच्चे समेत चार लोगों की जान ले ली थी। जिला वन अधिकारी ने इस मामले को लेकर कहा- "बाघ को मारने के आदेश प्रक्रिया के अनुसार जारी किए जाते हैं, जब यह स्पष्ट हो जाता है कि बाघ, आवासीय इलाकों में रहने का आदी हो गया है। तब कई प्रक्रियाओं के बाद उसे मारने के आदेश दिए जाते हैं।"
इससे पहले मुख्य वन्यजीव वार्डन पीके गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया था कि हैदराबाद और पटना से के बचाव दल बाघ की तलाश कर रहे हैं, ताकि उसे पकड़ा जा सके। उन्होंने कहा- "हमने अब बाघ को गोली मारने का आदेश दिया है। निशानेबाजों की एक टीम काम पर है। जानवर को ट्रैक करने के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली जा रही है।"
#BreakingNow: 5 घंटे की मशक्कत के बाद बिहार में मारा गया आदमखोर बाघ, वन विभाग की टीम ने बाघ को मार गिरायादेखिए,… t.co/yG2705EPj2
— ANI (@ANI) Oct 8, 2022
बताया जा रहा है कि लोगों के बढ़ते गुस्से को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाघ को मारने के आदेश दिए थे। बढ़ती मौतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक दर्जन से अधिक सरकारी और निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बता दें कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है जो लगभग 900 वर्ग किलोमीटर में फैला है। 2018 तक इस रिजर्व में 40 बाघ थे।
