Bihar Cabinet Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, मोटर वाहन करों में बदलाव करने और राज्य में हवाई नेटवर्क को अभूतपूर्व विस्तार देने जैसे जनहित के फैसले शामिल हैं।
बिहार कैबिनेट बैठक (फोटो: X/@samrat4bjp)
बैठक का सबसे बड़ा फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पंचायतों के सशक्तिकरण से जुड़ा है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत अब पहली बार ग्राम पंचायतों को अपने स्तर पर कर (टैक्स) और शुल्क वसूलने का कानूनी अधिकार मिल गया है। कैबिनेट ने इसके लिए नई नियमावली को मंजूरी दी है, जिसके तहत पंचायतें अपने क्षेत्रों में होल्डिंग्स, स्थानीय व्यापार, पेशा, उद्योग और दी जाने वाली सरकारी सेवाओं पर एक तय सीमा के भीतर टैक्स लगा सकेंगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को झटका, जन सुराज के कई नेताओं ने थामा BJP का दामन
दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर बढ़ा टैक्स
इससे पंचायतों की अपनी आय (OSR) में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही, स्थानीय प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के नए सिरे से गठन और परिसीमन को मंजूरी दी गई है। आम लोगों की जेब पर असर डालने वाला एक और बड़ा फैसला मोटर वाहन करों में बदलाव को लेकर हुआ है। लंबे समय के बाद सरकार ने दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर लगने वाले टैक्स की दरों में संशोधन किया है।
हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने खोला खजाना
नए नियम के तहत दोपहिया वाहनों पर एकमुश्त रोड टैक्स में एक फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जबकि तिपहिया वाहनों के लिए इसे 1,000 रुपये बढ़ा दिया गया है। साथ ही व्यवसायियों के लिए व्यापार कर में चार गुना वृद्धि की गई है। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर, 'मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना' का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए इसे नगर विकास विभाग से हटाकर समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने खजाना खोल दिया है। भागलपुर में बनने वाले आधुनिक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए 1,425 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण हेतु 556.11 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
वहीं, मुंगेर में नए हवाई अड्डे के लिए 1,720 एकड़ से अधिक जमीन के वास्ते 773.46 करोड़ रुपये के मुआवजे की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों जगहों पर 'एयरोसिटी' विकसित की जाएगी, जहाँ होटल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और लॉजिस्टिक्स हब बनेंगे। इसके अतिरिक्त राजगीर, रोहतास और कैमूर में भी नए हवाई अड्डों के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ समझौता करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
