बिहारः जातिगत सर्वे के आंकड़ों पर सभी दलों की बैठक, विपक्ष ने विसंगतियों और गायब तथ्यों पर उठाए सवाल

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 4, 2023, 07:16 AM IST

बैठक में नौ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । जिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया उनमें जदयू, राजद, भाजपा, कांग्रेस, भाकपा माले, माकपा, भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर और एआईएमआईएम शामिल थे।

Bihar Caste Survey Data: बिहार के राजनीतिक दलों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में बहुचर्चित जाति आधारित गणना की रिपोर्ट में विसंगतियों और गायब विवरणों पर चिंता जताई। बैठक के दौरान जहां सत्तारूढ़ महागठबंधन के नेताओं ने मुख्यमंत्री को उनकी सरकार द्वारा किए गए इस विशाल कार्य के पूरा होने पर बधाई दी वहीं विपक्षी भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के जिन वर्गों को निष्कर्ष से असहमति हो , उन्हें अब सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।

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बिहार में जातिगत सर्वे पर सर्वदलीय बैठक

9 पार्टियों ने हिस्सा लिया

बैठक में नौ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । जिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया उनमें जदयू, राजद, भाजपा, कांग्रेस, भाकपा माले, माकपा, भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर और एआईएमआईएम शामिल थे। बिहार सरकार ने सोमवार को जाति आधारित सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए। जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार बिहार की कुल जनसंख्या 130725310 में से 63 प्रतिशत लोग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से हैं। सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चला है कि राज्य की आबादी में 19 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति (SC) हैं जबकि एक प्रतिशत लोग अनुसूचित जनजाति (ST) से आते हैं।

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