बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के बीच ऑल इज वेल है। यह दावा सूबे में सत्तारूढ़ दल के नेताओं की ओर से किया गया है। उनका कहना है कि भाजपा ऐसी अफवाहें फैलाती है। जद(यू) में दरार की बात तो दूर एक खरोंच तक नहीं है। मंगलवार (26 दिसंबर, 2023) को जद(यू) के राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन प्रसाद ने बताया, ‘‘पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे की अफवाहों के जवाब में खुद खंडन जारी किया है। अब इस बारे में बात नहीं की जानी चाहिए। नीतीश और ललन के बीच सब कुछ ठीक है, लेकिन फिर भी हम इसके बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि भाजपा ऐसी अफवाहें फैलाती है और हमें इन्हें खारिज करने में अपना समय बर्बाद करना पड़ता है।’’
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (फाइल)
उन्होंने आगे बताया कि पार्टी दिल्ली में अपने दो दिवसीय सम्मेलन के लिए तैयारी कर रही है, जिसकी शुरुआत 28 दिसंबर को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक और एक दिन बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठकों से होगी। पिछले साल भाजपा से नाता तोड़कर ‘‘महागठबंधन’’ में शामिल होने वाले जदयू के आलोचक भी पार्टी के विनाश की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
जद(यू) के नेता नीतीश कुमार के विश्वासपत्र माने जाने वाले और राज्य सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी से संवाददातओं ने जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘आप जदयू में दरार की बात करते हैं। मैं कहता हूं कि एक खरोंच तक नहीं है।’’ चौधरी ने ललन से जुड़ी अफवाहों के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘‘हमने ऐसी कोई बात नहीं सुनी है लेकिन आप लोग जो चाहते हैं दिखलाते हैं फिर हटा देते हैं।’’
आगे जब उनसे पूछा गया कि क्या ललन इस सप्ताह के अंत में दिल्ली में होने वाली जेडी(यू) की बैठक में अपने इस्तीफे की औपचारिक पेशकश कर सकते हैं, तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब दिए बिना कहा कि 29 दिसंबर को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक होने जा रही हैं। यह काफी समय से लंबित थी। इसके अलावा देशभर के जद(यू) नेता एक साथ बैठेंगे और लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
हालांकि, जदयू के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा पिछले कुछ साल से जदयू के अध्यक्ष पद पर आसीन ललन ने वास्तव में पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। ऐसे में समझा जाता है कि जब नीतीश पिछले सप्ताह ललन के घर गए थे तो यह मुद्दा चर्चा में आया था। ऐसी चर्चा है कि ललन कुछ महीनों में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर अपने लोकसभा क्षेत्र मुंगेर में अधिक समय देना चाहते हैं। माना जा रहा है कि नीतीश ने ललन को तब तक पद पर बने रहने के लिए कहा है जब तक कि यह फैसला नहीं हो जाता कि अगला पार्टी प्रमुख कौन हो सकता है।
जद(यू) नेताओं की ये टिप्पणियां ऐसे समय पर आई हैं, जब यह कहा जा रहा है कि कुमार और ललन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। यही वजह है कि ललन को जदयू के शीर्ष पद से किनारे किया जा सकता है या फिर वह खुद ही पद छोड़ सकते हैं। ये अफवाहें उस दिन उड़ीं जब ललन दिल्ली होने के कारण प्रतिक्रिया के लिए यहां उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसके लिए मीडिया के एक वर्ग और सहयोगी से विरोधी बनी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया।
