UCC News : अध्यादेश पर कांग्रेस का समर्थन पाने में असफल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने राहुल गांधी और नीतीश कुमार को बड़ा झटका दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि वह सिद्धांत रूप में समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करती है। AAP के नेता संदीप पाठक ने कहा कि हम सिद्धांतत: यूसीसी का समर्थन करते हैं। क्योंकि अनुच्छेद 44 भी यह कहता है कि देश में यूसीसी होना चाहिए। इसलिए इस पर सभी धर्मों, राजनीतिक पार्टियों एवं संगठनों के साथ व्यापक चर्चा कर एक आम सहमति बनानी चाहिए।
केजरीवाल की पार्टी यूसीसी पर व्यापक चर्चा चाहती है।
भोपाल रैली में पीएम ने यूसीसी का मुद्दा उठाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल की अपनी रैली में यूसीसी का मुद्दा उठाया। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यूसीसी की पुरजोर वकालत की और पूछा कि ‘दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा?’ उन्होंने कहा कि संविधान में भी सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार का उल्लेख है। पीएम ने कहा कि विपक्ष यूसीसी के मुद्दे का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने और भड़काने के लिए कर रहा है। भारतीय मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उन्हें भड़काकर उनका फायदा लेने के लिए उनको बर्बाद कर रहे हैं।
पहले HUF खत्म करके दिखाए सरकार-ओवैसी
यूसीसी का मुद्दा विपक्ष को रास नहीं आया है। विपक्ष के नेताओं ने इसे वोट बैंक की राजनीति बताया है। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान से प्रेरणा क्यों ले रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा कथित रूप से समान नागरिक संहिता का उल्लेख किये जाने का हवाला देते हुए ओवैसी ने पूछा कि यूसीसी के नाम पर देश के बहुलवाद और विविधता को ‘छीन लिया जाएगा।’ एआईएमआईएम नेता ने हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) अधिनियम को खत्म करने की चुनौती दी।
राजद भी यूसीसी के पक्ष में नहीं
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर प्रहार करते हुए मंगलवार को कहा कि उन्हें इस तरह के मुद्दे को ‘एक विशेष वर्ग को समझ में आनी वाली कूट भाषा में संदेश देने की राजनीति’का औजार नहीं बनाना चाहिए। राजद प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य मनोज झा का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह कहे जाने के बाद आया है कि उच्चतम न्यायालय ने भी समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं।
