Swati Maliwal assault case: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के आरोपी बिभव कुमार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बिभव कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। बिभव कुमार ने इस मामले में 25 मई को जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन सोमवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सुशील अनुज त्यागी ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है।
स्वाति मालीवाल ने 13 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास पर बिभव कुमार पर हमला करने के आरोप लगाया था। इसके दो दिन बाद स्वाति मालीवाल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने बिभव को 24 मई को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था, जिसके बाद 28 मई तक उन्हें न्यायिक हिरासत में रहने का आदेश दिया गया था।
कोर्ट ने फैसला रखा था सुरक्षित
बिभव कुमार की जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई थी। इस दौरान स्वाति मालीवाल भी कोर्ट में मौजूद रहीं। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस देखने को मिली। बिभव कुमार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि स्वाति मालीवाल के सेंसटिव बॉडी पार्ट पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। मालीवाल ने पूरी प्लानिंग के साथ एफआईआर दर्ज कराई थी। जमानत याचिका का विरोध करते हुए मालीवाल ने कहा था कि अगर बिभव कुमार को रिहा किया जाता है तो उनको और उनके परिवार को खतरा हो सकता है। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान रो पड़ी थींं स्वाति
कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्वाति मालीवाल रो पड़ीं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि जब मैंने इस मामले में बयान दर्ज कराए, उसके बाद आम आदमी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुझे बीजेपी का एजेंड बता दिया और मेरे खिलाफ ट्रोलिंग की गई। मालीवाल ने कहा कि इन लोगों के पास एक बड़ी ट्रोल मशीनरी है, जिसमें मेरे खिलाफ हवा भर दी गई है। उन्होंने कहा, बिभव कुमार कोई आम आदमी नहीं है, उसे मंत्रियों को मिलने वाली सुविधाएं मिली हुई हैं।
