लेबनान की क्रिश्चियन महिला भारत के इस मंदिर में बनी पुजारन, हाई पेड नौकरी छोड़ पकड़ा आध्यात्म का रास्ता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 25, 2023, 12:03 PM IST

Bhairagini Maa Hanine: हम बात कर रहे हैं कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में मां लिंग भैरवी मंदिर की पुजारन भैरागिनी मां हनिने की। इस मंदिर से जुड़ने से पहले वह एक लेबनानी महिला थीं और आरामदायक जिंदगी गुजर कर रही थीं। हालांकि, आध्यात्म से जुड़ने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ छोड़ दिया और भारत आ गईं।

Bhairagini Maa Hanine: मिडिल ईस्ट का एक मुस्लिम बाहुल्य देश है लेबनान। यहां ईसाईयों की आबादी करीब 32 प्रतिशत है। इस देश की एक ईसाई महिला अब सनातन और हिंदुत्व का झंडा बुलंद कर रही है। आध्यात्म और सनातन से जुड़ने के लिए न सिर्फ उन्होंने एक हाई पेड सैलरी वाली नौकरी को छोड़ दिया बल्कि वह एक तमिलनाडु के एक मंदिर में पुजारन तक बन गई हैं।

Bhairagini Maa Hanine

भैरागिनी मां हनिने (फोटा- Isha Foundation)

हम बात कर रहे हैं कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में मां लिंग भैरवी मंदिर की पुजारन भैरागिनी मां हनीन की। इस मंदिर से जुड़ने से पहले वह एक लेबनानी महिला थीं और आरामदायक जिंदगी गुजर कर रही थीं। हालांकि, आध्यात्म से जुड़ने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ छोड़ दिया और भारत आ गईं। अब वह पिछले 14 साल से यहां हैं और मंदिर की पुजारन की भूमिका निभा रही हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...

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