Bengaluru Cafe Blast : बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट करने वाले मुख्य आरोपी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। ब्लास्ट के बाद फरार चल रहे आरोपियों को जांच एजेंसी ने कोलकाता स्थित इनके ठिकाने से हिरासत में लिया। ब्लास्ट का मास्टरमाइंड भी पकड़ा गया है। एनआईए का कहना है कि मुसाविर शाजिब हुसैन ने कैफे में आईईडी रखा था जबकि अब्दुल मतीन ताहा ने धमाके की साजिश रची थी। ये दोनों 2020 के एक आतंकवादी मामले पहले से वांछित थे। एनआईएक का कहना है कि ताहा आईएसआईएस के बेंगलुरु मॉड्यूल अल हिंद से जुड़ा हुआ था।
पहचान छिपाकर कोलकाता में छिपे थे
जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी अपनी पहचान बदलकर छिपे हुए थे। अपने एक बयान में एनआईए ने कहा कि केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल की पुलिस और केंद्रीय इंटेलिजेंस एजेंसियों के सहयोग एवं समन्वित प्रयास से इन्हें पकड़ा गया। जांच एजेंसी ने गत 29 मार्च को आरोपियों की तस्वीरें और इनके ब्योरे में जानकारी साझा की। साथ ही इन दोनों के सिर पर 10-10 लाख रुपए का इनाम रखा।
एक मार्च को हुआ था ब्लास्ट
एनआईए के मुताबिक शाजिब ने अपना नाम बदल लिया था। वह मोहम्मद जुनैद सईद के नाम से रहा था। जबकि ताहा ने अपना हिंदू नाम रखा था। इसने अपनी हिंदू पहचान बनाने के लिए विग्नेश नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाया था। बता दें कि गत एक मार्च को बेंगलुरु के कैफे में हुए ब्लास्ट में कम से कम 10 लोग घायल हुए। पिछले महीने एनआईए ने चिक्कामगलुरु से मुजम्मिल शरीफ को हिरासत में लिया। मुजम्मिल ने कथित रूप से मुख्य आरोपी को लॉजिस्टिक से मदद की थी
