बंगाल में बांकुड़ा जिले की ओंडा विधानसभा सीट से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अमरनाथ शाखा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर की गई अपनी एक तीखी पोस्ट (जो उन्होंने बांग्ला भाषा में लिखी) में अमरनाथ शाखा ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी जमीनी मुद्दों पर माकपा (CPI-M) और लेफ्ट फ्रंट का मुकाबला करने के बजाय केवल रील्स बनाने, फॉलोअर्स बढ़ाने और अपने फैन क्लब बनाने में व्यस्त हैं।
बंगाल बीजेपी विधायक ने सुनाई खरी-खरी
रील्स और सेल्फ-प्रमोशन में व्यस्त नेता
विधायक शाखा ने लिखा कि पार्टी के कई नेता सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक केवल खुद का प्रचार करने (सेल्फ-प्रमोशन) में लगे हुए हैं। माकपा के नैरेटिव और विरोध का सही तरीके से जवाब देने के बजाय नेता सोशल मीडिया पर रील्स बनाने में मस्त हैं।
लेफ्ट फ्रंट को मिल रहा बढ़ावा
उन्होंने चिंता जताई कि वामपंथी दल (CPI-M और लेफ्ट फ्रंट) लगातार जनता के बीच भ्रामक माहौल बना रहे हैं और सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता इसके खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं।
'पार्टी से पहले खुद का पेट भरने की सोच'
अमरनाथ शाखा ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं की मंशा पर सवाल उठाते हुए लिखा, "पार्टी भाड़ में जाए, जब तक उनका अपना पेट भर रहा है, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।" उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे किसी खास नेता के अनुयायी (फॉलोअर) बनने के बजाय पहले पार्टी के वफादार बनें।
संघर्ष का जिक्र
उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से बीजेपी से जुड़े रहे हैं और उन्होंने माकपा के 34 साल के शासन का खून-खराबा और टीएमसी के अत्याचार झेले हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता ने उन पर भरोसा जताया, लेकिन कुछ नेताओं के स्वार्थ और पैसे कमाने की होड़ की वजह से पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है।
पार्टी के भीतर से प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर खुलेआम अपनी भड़ास निकालने के सवाल पर अमरनाथ शाखा ने कहा, मैं किसी को खुश करने के लिए राजनीति नहीं करता। जो गलत लगता है, उस पर बोलता हूं, भले ही इससे मेरे दुश्मन बन जाएं। वहीं, बीजेपी के एक वरिष्ठ जिला नेता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमरनाथ शाखा पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखने के बजाय पार्टी फोरम और अंदरूनी बैठकों में रखने चाहिए थे।
