Nirmala Sitraman : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि जीएसटी रिफॉर्म की वजह से 1.4 अरब भारतीयों के जीवन में खुशहाली आई है। देश में समग्र रूप से बड़ा सुधार करना एक बड़ी कवायद है। देश के विकास के लिए सरकार कड़ी मेहतन कर रही है। जीएसटी सुधार पर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ये सभी आरोप कांग्रेस से आ रहे हैं। जीएसटी सुधार आम लोगों के जीवन से जुड़ा है, कांग्रेस इस बात को समझ नहीं रही। इन सुधारों से देश में महंगाई कम हो रही है। इन सुधारों से वस्तुएं बनाने वाले और इन्हें खरीदने वाले दोनों को लाभ होने जा रहा है। वित्त मंत्री ने ये बातें टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में कही।
टाइम्स नाउ पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
जीएसटी सुधार विपक्ष का हमला उनकी हताशा-वित्त मंत्री
जीएसटी सुधार में आठ साल की देरी करने के विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह विपक्ष की हताशा और निराशा है। ये सभी आरोप कांग्रेस से आए हैं। वह लोगों से जुड़े मुद्दों को समझ नहीं पा रही है। जीएसटी सुधार से आम लोगों के जीवन में सुधार आएगा। इस बात को उसे समझना चाहिए। सरकार के इस प्रयास से उसे जुड़ना चाहिए लेकिन वह सभी चीजों में राजनीति करती है।
दिवाली से पहले बिहार के लोगों को मिला तोहफा
बिहार की तुलना बीड़ी से करने और फिर उसके माफी मांगने पर वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की आदत बिहार का अपमान करने की रही है। उसने सीताराम केसरी का अपमान किया और अब बिहार के आम लोगों का वह अपमान कर रही है। यह बिहार की जनता के लिए हीन भाव है और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश है। इसके लिए कांग्रेस को अब माफी मांगनी पड़ी है। जीएसटी सुधारों के जरिए पीएम मोदी ने बिहार के लोगों को छठ मैया, दिवाली से पहले के तोहफा दिया है।
'ट्रंप के 'डेड इकॉनमी' कहने पर थोड़ा बुरा लगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकॉनमी' कहे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह सुनकर उन्हें थोड़ा 'बुरा' लगा। निर्मला ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में बोलने से पहले ट्रंप को इसका सही आकलन करना चाहिए। उन्होंने जो कहा, क्या वह अमेरिका का आकलन है। क्या उनकी सरकार को भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में पता नहीं है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की राह पर है। वित्त मंत्री ने कहा कि 'मुझे लगता है कि उन्होंने कही-सुनी बातों पर भरोसा कर लिया।'
