उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से चार दिन पहले लापता हुए दारोगा के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आज परसरामपुर थाना प्रभारी दरोगा अजय गौड़ का शव अयोध्या के छावनी थाना क्षेत्र में सरयू नदी से बरामद हुआ है। वो 5 फरवरी की रात अचानक लापता हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं, मृतक दारोगा के भाई अरुण कुमार गौड, जो वर्तमान में एडीएम झांसी हैं, ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए गम्भीर आरोप लगाए हैं।
बस्ती के एसपी यशवीर सिंह।( फाइल फोटो)
मृतक दारोगा के एडीएम भाई ने पुलिस महकमे पर खड़ा किया सवाल
मामले में जानकारी के बाद मृतक दारोगा के भाई और एडीएम झांसी अरुण कुमार गौड बस्ती पहुंचे। यहां आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक दारोगा को संदिग्ध मौत हो गई, लेकिन न तो डीआईजी और न ही एसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया जब उन का भाई लापता हुआ तो उस को ढूंढने में लापरवाही बरती गई। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कर मामले ने कार्रवाई की मांग की है।
दारोगा को किडनैप कर मारा गया?
वहीं, इस मामले में मृतक की पत्नी ने हत्या की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि दारोगा को किडनैप कर मारा गया। उन्होंने कहा कि जब उनके पति थाने से गायब हुए, तो पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अगली सुबह गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया, जो लापरवाही को दर्शाता है।मृतक की पत्नी ने आशंका जताई है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। उन्होंने थाने के कुछ फॉलोअर्स पर भी शक जताया है। उन्होंने बताया कि दुबौलिया थाने में तैनाती के दौरान उपाध्याय नाम के युवक की कस्टडी से घर जाने के बाद मौत हो गई थी, उस मामले में मृतक के चाचा ने दरोगा को धमकी भी दी थी।
पांच दिन पहले मिली थी बाइक
दरअसल, पांच दिन पहले लापता दरोगा की बाइक बस्ती सदर कोतवाली क्षेत्र के अमहट घाट पर लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और 5 विशेष टीमें गठित की गईं, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। बीती रात अयोध्या की जल पुलिस को छावनी थाना क्षेत्र में सरयू नदी में एक शव तैरता हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। शव की पहचान दरोगा अजय गौड़ के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
