Bageshwar Dham Sarkar: उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने की सजा बच्चों को नहीं, बल्कि सिस्टम को मिलनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। कथा के दौरान बागेश्वर सरकार ने एक चौपाई सुनाते हुए विद्यार्थियों को हिम्मत नहीं हारने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “हारियो न हिम्मत, बिसारियो न नाम। भगवान और सफलता खोजने से नहीं, बल्कि खो जाने से मिलती है। खो जाने का मतलब पूरी तरह मेहनत में डूब जाना होता है।”
बद्रीनाथ धाम में कथा के दौरान विद्यार्थियों के दर्द पर बोले बागेश्वर सरकार
'चुनाव कभी लीक नहीं होते'
उन्होंने बताया कि कुछ छात्र और छात्राएं उनसे मिलने आए थे, जो नीट पेपर लीक मामले (NEET Paper Leak) की वजह से काफी दुखी थे। बच्चों ने उन्हें बताया कि उन्होंने लंबे समय तक मेहनत की, लेकिन पेपर लीक होने से उनका मन टूट गया। इस पर बागेश्वर सरकार ने कहा कि देश में कई बार पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन चुनाव कभी लीक नहीं होते। उन्होंने तंज करते हुए कहा, “काश नेताओं के वोट भी लीक हो जाएं।” धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखते हैं।
इस मामले में गलती छात्रों की नहीं, बल्कि सिस्टम की-शास्त्री
कई माता-पिता खेती, मजदूरी और कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक होता है तो सिर्फ विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सपना टूट जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गलती छात्रों की नहीं, बल्कि सिस्टम की है। इसलिए दंड भी सिस्टम को मिलना चाहिए। बागेश्वर सरकार ने सुझाव दिया कि जिन छात्रों को नुकसान हुआ है, उनकी अगली फीस माफ की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जब सिस्टम खुद नुकसान महसूस करेगा तभी उसे अपनी गलती का एहसास होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश होगी।
