Prayagraj Kasari Masari News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई जमीन पर गरीबों का आशियान बनाने के लिए भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने अतीक अहमद के गढ़ कसारी-मसारी का नाम 'कृष्ण पुरी' करने की घोषणा की। माफिया अतीक के गढ़ रहे इलाके को अब गरीबों के आवास और विकास की नई पहचान देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया मुक्त यूपी के क्रम में जो जमीनें माफियाओं से मुक्त कराई गई हैं, उन पर अब गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कसारी-मसारी की बेशकीमती जमीन पर अब पद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना के तहत 602 फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है।
कसारी-मसारी अब होगा कृष्ण पुरी (फोटो साभार- AI/X)
अतीक अहमद का पुश्तैनी गांव है कसारी-मसारी
गौरतलब है कि कसारी-मसारी अतीक अहमद का पुश्तैनी गांव है। पश्चिमी प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में अतीक अहमद और उसके परिवार का प्रभाव था। यहां वह अपने घोड़े रखता था और अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करता था। सरकार ने बताया कि ये ढाई हेक्टेयर यानी करीब 15 बीघा जमीन थी, जिस पर माफिया अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा करके अपना अस्तबल बनाया हुआ था और अपनी अय्याशी का केंद्र बनाया हुआ था। उस नाजायज साम्राज्य को ध्वस्त करके इस लैंड को वापस लिया गया।
अतीक अहमद का पैतृक कब्रिस्तान भी यहां
कसारी-मसारी वही स्थान है जहां अतीक अहमद का पैतृक कब्रिस्तान भी है। यहीं पर कसारी-मसारी नाम का कब्रिस्तान है, जहां अतीक अहमद और अशरफ को एनकाउंटर के बाद दफन किया गया था। यहीं पर उसके पिता हाजी फिरोज अहमद, और उसके बेटे असद व अबान को भी दफनाया गया है। अब अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई इसी कसारी-मसारी की बेशकीमती जमीन पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीब परिवारों के लिए आवास का निर्माण किया जा रहा है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- माफिया अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई जमीन पर 'गरीबों का आशियाना' बनना शुरू, CM योगी ने किया भूमि पूजन
माफिया की पहचान मिटाने की कवायद!
मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के साथ ही इस इलाके को नया नाम देकर माफिया की पहचान मिटाने और इसे विकास की नई पहचान देने की बात कही है। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी नहीं करेगा, करेगा तो मिट्टी में मिल जाएगा। लूकरगंज की तरह ही, जहां पहले माफिया की जमीन पर 76 गरीबों को आवास दिए गए थे, अब कसारी-मसारी यानी नए कृष्ण पुरी में भी 602 गरीब परिवारों को अपना आशियाना मिलेगा।
