गुवाहाटी: असम में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है। मंगलवार को बाढ़ से एक और व्यक्ति की मौत होने के बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। वहीं, असम के 11 जिलों में 3.10 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ स्थानों पर जलस्तर 'अत्यधिक बाढ़' के स्तर तक पहुंच गया है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
असम में बाढ़ से हाल बेहाल। (फोटो- pti)
11 जिलों के 758 गांव बाढ़ से प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों के 758 गांवों में 3.10 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। मंगलवार को चराइदेव जिले में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।
कई नदियां उफान पर, 'अत्यधिक बाढ़' की स्थिति
राज्य में ब्रह्मपुत्र, दिखौ, देसांग, धनसिरी और बुरीदिहिंग समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शिवसागर में दिखौ और देसांग नदी का जलस्तर 'अत्यधिक बाढ़' की श्रेणी में पहुंच गया है। वहीं, गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी गंभीर बाढ़ की स्थिति में है।इसके अलावा, जोरहाट के नीमातीघाट में ब्रह्मपुत्र और डिब्रूगढ़ के खोवांग में बुरीदिहिंग नदी भी उफान पर हैं।
सेना, NDRF और SDRF राहत कार्य में जुटी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। एएसडीएमए के मुताबिक, अब तक नौकाओं के जरिए 9,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, राज्यभर में 52 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 12,720 विस्थापित लोग रह रहे हैं।
रेलवे सेवाएं दूसरे दिन भी प्रभावित
ऊपरी असम में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण लगातार दूसरे दिन भी रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कई ट्रेनों को रद्द किया है और कुछ के मार्ग बदले हैं। फंसे यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं, जो शुक्रवार तक संचालित होंगी। सिमलुगुड़ी-नामतियाली और सिमलुगुड़ी-सेलेंगहाट रेलखंड पर बाढ़ के कारण ट्रेन परिचालन फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।
14 हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि जलमग्न, सीएम सरमा ने दिए निर्देश
राज्य में बाढ़ का असर खेती पर भी देखा जा रहा है। एएसडीएमए के अनुसार, राज्य में 14,411 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के सांसदों और विधायकों को भी मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
